
बांग्लादेश चुनाव से पहले ढाका में दिनदहाड़े गोलीबारी, भारत विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी गंभीर
बांग्लादेश में आम चुनावों की घोषणा के ठीक एक दिन बाद राजधानी ढाका में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी ने देश की राजनीति में तनाव और बढ़ा दिया है। तीन मोटरसाइकिलों पर सवार हमलावरों ने खुलेआम फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। इस हमले का निशाना भारत विरोधी कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी थे, जो शेख हसीना विरोधी इंकलाब मंच के प्रवक्ता और ढाका-8 संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार हैं।
हमले में गोली शरीफ उस्मान हादी के सिर में लगी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार वह कोमा में हैं। बेहतर इलाज के लिए सोमवार को उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर ले जाया गया, हालांकि उनकी हालत को लेकर अब तक कोई नई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
भारत से आरोपियों को सौंपने की मांग
रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के दो दिन बाद रविवार को मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने भारत से हमलावरों को गिरफ्तार कर सौंपने का अनुरोध किया। हालांकि ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उनके पास इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि हमलावर भारत में दाखिल हुए हैं।
डीएमपी के डिप्टी कमिश्नर मुहम्मद तालेबुर रहमान ने बताया कि डिटेक्टिव ब्रांच समेत कई टीमें अलग-अलग सुरागों पर काम कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई निर्णायक जानकारी नहीं मिली है।
भारत में घुसने के दावे
इस बीच कतर में रहने वाले बांग्लादेशी पत्रकार ज़ुल्करनैन सायर ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि इस हमले में शामिल दो संदिग्ध 12 दिसंबर को भारत में घुस गए थे और फिलहाल असम की राजधानी गुवाहाटी में मौजूद हैं।
उन्होंने दावा किया कि मुख्य शूटर पूर्व छात्र लीग नेता फैसल करीम मसूद है, जिसे दाऊद खान के नाम से भी जाना जाता है। उनके अनुसार फैसल करीम मसूद अपने साथी आलमगीर हुसैन के साथ मैमनसिंह के हलुआघाट बॉर्डर से भारत में दाखिल हुआ था।
मोबाइल नंबर और फोटो को लेकर नए दावे
ज़ुल्करनैन सायर ने यह भी दावा किया कि भारत पहुंचने के बाद फैसल करीम मसूद को एक भारतीय मोबाइल नंबर दिया गया, जिससे उसने कई लोगों को सेल्फी भेजीं। उनका कहना है कि इनमें से एक फोटो के इंटरसेप्शन से यह संकेत मिला कि तस्वीर असम के गुवाहाटी में ली गई थी। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि छात्र लीग, जो शेख हसीना की अवामी लीग का छात्र संगठन है, को यूनुस प्रशासन ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत बैन कर दिया था।
भारतीय उच्चायुक्त तलब
रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार सुबह बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया। बैठक में आग्रह किया गया कि यदि हमले में शामिल आरोपी भारतीय क्षेत्र में मौजूद हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर बांग्लादेश को सौंपा जाए।
इसके साथ ही बांग्लादेश ने आरोप लगाया कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में रहते हुए भड़काऊ बयान दे रही हैं, जिससे देश में अस्थिरता फैल रही है और चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
भारत ने आरोपों को नकारा
भारत ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने कभी भी अपनी जमीन का इस्तेमाल बांग्लादेश के खिलाफ गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया है। साथ ही भारत ने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराएगी।
