
सीरिया में अमेरिकी सैनिकों पर हमले का बदला: अमेरिका ने ISIS ठिकानों पर किए भीषण हवाई हमले
दमिश्क/वॉशिंगटन: सीरिया में अमेरिकी सैनिकों पर हुए जानलेवा हमले के बाद अमेरिका ने कड़ा जवाबी कदम उठाया है। अमेरिकी वायुसेना ने सेंट्रल सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के कई ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ नाम दिया गया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री का सख्त संदेश
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन हमलों की पुष्टि करते हुए बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी अगर अमेरिकियों को निशाना बनाया गया, तो अमेरिका हमलावरों को ढूंढकर खत्म करेगा।
हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि यह किसी नए युद्ध की शुरुआत नहीं है, बल्कि अमेरिकी सैनिकों पर की गई बर्बर कार्रवाई का सीधा और सटीक जवाब है।
पल्मायरा हमले का जवाब
यह जवाबी कार्रवाई 13 दिसंबर को सीरिया के पल्मायरा इलाके में हुए आत्मघाती हमले के बाद की गई है। इस हमले में अमेरिकी और सीरियाई बलों के काफिले को निशाना बनाया गया था, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी दुभाषिया की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए थे।
ट्रंप की चेतावनी के बाद कार्रवाई
हमले के तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “बहुत गंभीर जवाबी कार्रवाई” की चेतावनी दी थी। व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव अन्ना केली ने बताया कि ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक राष्ट्रपति के उसी वादे को अमल में लाने की दिशा में पहला ठोस कदम है।
ISIS को भारी नुकसान
अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हवाई हमलों में ISIS के कई महत्वपूर्ण ठिकाने तबाह किए गए हैं।
हमले में आतंकियों के छिपने के अड्डे, लॉजिस्टिक सप्लाई नेटवर्क, हथियारों और गोला-बारूद के बड़े गोदामों को भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में ISIS की संचालन क्षमता को गंभीर झटका लगा है।
अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि यदि भविष्य में अमेरिकी हितों या सैनिकों पर हमला हुआ, तो ऐसी कार्रवाइयां और भी तेज की जाएंगी।
