
ईरान : की राजधानी Tehran में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब शहर के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से से घने काले धुएँ का गुबार उठता दिखाई दिया। यह घटना पारंद इलाके के पास हुई, जो राजधानी से कुछ दूरी पर स्थित एक विकसित हो रहा औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्र माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले तेज धमाके जैसी आवाज़ें सुनाई दीं और उसके कुछ ही मिनटों बाद आसमान में आग की ऊँची-ऊँची लपटें दिखने लगीं। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए, जिनमें दूर तक फैला धुआँ और जलती हुई संरचनाएँ साफ दिखाई दे रही थीं। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाओं को मौके पर भेजा, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसे काबू में करने में घंटों लग गए।

इस घटना ने इसलिए भी गंभीर रूप ले लिया क्योंकि पारंद और उसके आसपास का इलाका रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जाता है। विश्लेषकों का कहना है कि राजधानी के बाहरी हिस्सों में कई औद्योगिक इकाइयाँ, गोदाम और कुछ संवेदनशील प्रतिष्ठान मौजूद हैं। हालांकि अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि आग किसी सैन्य ठिकाने के भीतर लगी या किसी औद्योगिक परिसर में, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों में जिस क्षेत्र का उल्लेख हुआ, उसने अटकलों को जन्म दे दिया। ईरान पहले भी अपने परमाणु और सैन्य ठिकानों के पास रहस्यमय आग और विस्फोटों की घटनाओं का सामना कर चुका है, जिसके लिए उसने कई बार बाहरी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे में इस नई घटना ने पुराने सवालों को फिर जिंदा कर दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा सुनी गई धमाकों की आवाज़ों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें लगा जैसे कोई बड़ा गोला-बारूद फटा हो, जबकि अन्य का मानना है कि यह किसी ईंधन टैंक या रासायनिक भंडारण में विस्फोट हो सकता है। आग की लपटों का रंग और धुएँ की गहराई को देखकर कुछ विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया कि संभवतः वहाँ ज्वलनशील रसायन या पेट्रोकेमिकल सामग्री मौजूद थी। हालांकि जब तक आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।

घटना के तुरंत बाद ईरानी सुरक्षा एजेंसियाँ और सैन्य बल अलर्ट पर आ गए। पूरे इलाके को घेर लिया गया और बाहरी आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई। सरकारी मीडिया ने शुरू में इसे औद्योगिक हादसा बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि हर पहलू से जांच की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि ईरान और Israel के बीच लंबे समय से छाया संघर्ष की खबरें आती रही हैं। इसके अलावा United States के साथ ईरान के संबंध भी तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं—कुछ इसे बाहरी हमला बता रहे हैं, तो कुछ इसे आंतरिक सुरक्षा चूक का नतीजा मान रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह एक साधारण औद्योगिक दुर्घटना थी या फिर किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा। यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी बाहरी ताकत ने हमला करने की कोशिश की, तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है। वहीं यदि यह तकनीकी खामी या लापरवाही का मामला निकलता है, तो ईरान के औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठेंगे। फिलहाल आधिकारिक बयान और विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है। लेकिन इतना तय है कि तेहरान के पास हुई इस रहस्यमय आग ने न केवल स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष ही तय करेंगे कि यह हादसा था या किसी बड़े टकराव की आहट।