
प्रेस विज्ञप्ति
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने पंचायत चुनाव 2026 से पहले नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित।
HIGHLIGHTS
- प्रदेश भर के ग्राम प्रधानों को बड़ी जिम्मेदारी, नई कार्यकारिणी में युवाओं को स्थान।
- महिला प्रतिनिधियों को प्राथमिकता, समावेशी सोच के साथ ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की नई कार्यकारिणी तैयार।
- पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए नई रणनीति, ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने घोषित की कार्यकारिणी
लखनऊ : ग्रामीण विकास और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को दृष्टिगत रखते हुए ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन, उत्तर प्रदेश ने अपनी नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की है। यह गठन संगठन के विस्तार, मजबूती और भविष्य की रणनीति को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।नवगठित कार्यकारिणी में प्रदेश भर के सक्रिय, समर्पित एवं जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे ग्राम प्रधान प्रतिनिधियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपते हुए एक मजबूत टीम का गठन किया गया है।इस कार्यकारिणी में अमरोहा की ग्राम प्रधान मनु यादव को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, भदोही के राजमणि पाण्डेय को महासचिव, कानपुर के विद्यासागर यादव एवं आजमगढ़ के मो. असलम खान को उपाध्यक्ष तथा राजेश कुमार निषाद को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं मो. इकबाल को सचिव प्रभारी पश्चिमी क्षेत्र, अनिल कुमार जोशी को सचिव प्रभारी पूर्वी क्षेत्र, सपना चतुर्वेदी को सचिव प्रभारी मध्य क्षेत्र एवं दिनकर तिवारी को सचिव प्रभारी बुंदेलखंड क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संगठन में ज्योति यादव व अखिलेश कुमार को सचिव प्रवक्ता, धनराज यादव को सचिव संगठन, नीलमणि राजे को सचिव मीडिया प्रभारी, अमरूंन निशा को सचिव सोशल मीडिया तथा गीता वर्मा को सचिव प्रशासन बनाया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य पदों पर भी अनुभवी एवं युवा कार्यकर्ताओं को स्थान दिया गया है।विशेष रूप से इस कार्यकारिणी में योग्य एवं कुशल महिला पंचायत प्रतिनिधियों को प्राथमिकता दी गई है, जो संगठन की समावेशी सोच को दर्शाता है।

संगठन के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि, “नई कार्यकारिणी में युवाओं, अनुभवी एवं जमीनी कार्यकर्ताओं का संतुलित समावेश किया गया है। हमारा उद्देश्य पंचायतों को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना है। यह टीम आने वाले समय में संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और प्रदेश की पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।यह कार्यकारिणी आगामी पांच वर्षों तक संगठन को नई दिशा एवं मजबूती प्रदान करेगी। पंचायत चुनाव सम्पन्न होने के पश्चात जिलाध्यक्ष एवं ब्लॉक अध्यक्षों का मनोनयन प्रदेश कार्यकारिणी के सामूहिक निर्णय के आधार पर किया जाएगा।