
ऊर्जा स्वतंत्रता दिवस: TPRMG ने यूपी में ग्रामीण सशक्तिकरण को दी रफ्तार, 18 हजार से अधिक उद्यम हो रहे लाभान्वित
लखनऊ। ‘ऊर्जा स्वतंत्रता दिवस’ के अवसर पर टाटा पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड लिमिटेड (TPRMG) ने ग्रामीण भारत में स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा पहुंचाने की अपनी पहल को और गति दी है। कंपनी सौर माइक्रोग्रिड, सौर सिंचाई, ऊर्जा-कुशल उपकरण और बायोएनर्जी समाधानों के जरिए ग्रामीण परिवारों, किसानों और छोटे कारोबारों को सशक्त बनाने पर जोर दे रही है।
कंपनी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले का सुनहरी चौराहा गांव विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा मॉडल का प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आया है। माइक्रोग्रिड के जरिए ग्रामीण उद्यमों को डीजल आधारित बिजली के विकल्प के तौर पर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे डीजल की खपत के साथ कार्बन, वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी लाने में मदद मिल रही है। कंपनी का दावा है कि बिजली आधारित मशीनों के इस्तेमाल से परिचालन लागत में 20 से 30 प्रतिशत तक की बचत संभव है।
सौर सिंचाई समाधान किसानों को डीजल पंपों का विकल्प दे रहे हैं, जबकि डेयरी क्षेत्र में बल्क मिल्क कूलर और ऊर्जा-कुशल दुग्ध प्रसंस्करण उपकरणों के माध्यम से दूध की गुणवत्ता और ऊर्जा दक्षता सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। आटा चक्की, तेल निकालने की इकाइयों, गुड़ और मसाला प्रसंस्करण जैसे ग्रामीण कारोबारों को भी इस ऊर्जा तंत्र से लाभ मिल रहा है।
TPRMG के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 4.5 मेगावाट क्षमता वाले माइक्रोग्रिड नेटवर्क से हर साल 57.4 लाख से अधिक यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे प्रतिवर्ष करीब 23.6 लाख लीटर डीजल की खपत और लगभग 6,400 टन कार्बन उत्सर्जन रोकने का दावा किया गया है। वहीं, प्रदेश में 18 हजार से अधिक ग्राहक और ग्रामीण उद्यम इन पहलों से लाभान्वित हो रहे हैं।
TPRMG के सीईओ मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि ऊर्जा स्वतंत्रता का मतलब सिर्फ बिजली उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। कंपनी की ‘RE Tech Mitra’ पहल के तहत ग्रामीण युवाओं को नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, संचालन और रखरखाव का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।