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डेक्सलैब्स एआई एजुकेशन लखनऊ में एआई स्किल सेंटर का शुभारंभ। 

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विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी नृत्य, कला एवं संगीत प्रतियोगिता में भाग लिए 

लखनऊ : डेक्सलैब्स एआई एजुकेशन, जो विद्यालयी छात्रों में एआई साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु समर्पित एक पहल है। इंदिरा नगर, लखनऊ में अपने नए एआई स्किल सेंटर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शहर के अनेक विद्यार्थी, शिक्षक एवं विद्यालय प्रबंधन एक दिवसीय प्रतिभा, शिक्षा एवं भविष्य-उन्मुख शिक्षा के उत्सव में सम्मिलित हुए।

डेक्सलैब्स एआई स्किल सेंटर का उद्देश्य विद्यालयी छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है, साथ ही उनमें रचनात्मकता, तकनीक एवं उद्यमिता जैसे कौशल विकसित करना है। शुभारंभ के अवसर पर प्रत्येक प्रतिभागी छात्र को निःशुल्क डेक्सटेस्ट (DexTest) की सुविधा दी गई

जिससे उनकी योग्यता एवं भविष्य-तत्परता का आकलन किया जा सकेगा, साथ ही छात्रों एवं अभिभावकों को विशेषज्ञ द्वारा करियर परामर्श भी प्रदान किया। डेक्सटेस्ट के प्रदर्शन के आधार पर चयनित छात्र सेंटर के सांध्यकालीन कार्यक्रमों में प्रवेश हेतु 100% तक की छात्रवृत्ति के भी पात्र बन सकते हैं।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण अंतर-विद्यालयी प्रतिभा प्रतियोगिता , जिसमें लखनऊ के विभिन्न विद्यालयों के छात्र नृत्य, कला एवं संगीत श्रेणियों में भाग लिया। जिसमें प्रत्येक श्रेणी में विजेताओं को एकल हेतु ₹3,000 तथा समूह/युगल हेतु ₹5,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया।

इस अवसर पर डेक्सजेम अवार्ड्स का भी आयोजन किया, जो लखनऊ में शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने हेतु समर्पित एक विशेष सम्मान समारोह। विशिष्ट विद्यालय प्रबंधकों एवं शिक्षकों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में पूर्व एमएलसी श्री अजय सिंह जी मुख्य अतिथि तथा श्री कुमार अशोक पांडेय जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, साथ ही शहर के अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं शिक्षाविद भी इस अवसर पर उपस्थित रहे
इस पहल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डेक्सलैब्स एआई एजुकेशन के संस्थापक सार्थक वत्स ने कहा हर बच्चे को यह जानने का अवसर मिलना चाहिए कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता उनके भविष्य के लिए क्या कर सकती है। डेक्सलैब्स एआई स्किल सेंटर के माध्यम से हम यह अवसर सीधे लखनऊ के विद्यालयों तक लाना चाहते हैं, और उन शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को सम्मानित करना चाहते हैं जो इसे संभव बनाते हैं।
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