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KGMU में बवाल! नर्सिंग छात्रों का फिर फूटा गुस्सा, दिव्यांशी यादव की मौत के बाद धरना तेज

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KGMU में बवाल! नर्सिंग छात्रों का फिर फूटा गुस्सा, दिव्यांशी यादव की मौत के बाद धरना तेज

LUCKNOW LIVE: लखनऊ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी KGMU में नर्सिंग छात्रों का आक्रोश एक बार फिर बढ़ गया है। बीएससी नर्सिंग की छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध अब दोबारा तेज हो गया है। नर्सिंग छात्र-छात्राएं कक्षाएं बंद कर धरने पर बैठे हैं और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने पोस्टर और बैनर लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है।

पूरा मामला बीएससी नर्सिंग की द्वितीय वर्ष की छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक दिव्यांशी को सितंबर में तेज बुखार हुआ था और बाद में उसकी डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आने की बात सामने आई। छात्रों का आरोप है कि तबीयत खराब होने के बावजूद उसे मेडिकल छुट्टी लेने में परेशानी हुई और अटेंडेंस को लेकर दबाव था। इसके बाद उसके परिवार वाले उसे इलाज के लिए वाराणसी ले गए, जहां 19 सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होना अभी जरूरी है।

 

दिव्यांशी की मौत की खबर सामने आने के बाद KGMU के नर्सिंग छात्रों में नाराजगी फैल गई। छात्रों ने पहले भी धरना और प्रदर्शन किया था। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत हुई और कुलपति की ओर से मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद छात्रों ने अपना आंदोलन कुछ समय के लिए रोक दिया था। लेकिन छात्रों का कहना है कि तय समय में उन्हें संतोषजनक कार्रवाई दिखाई नहीं दी, जिसके बाद उन्होंने फिर से धरना शुरू कर दिया।

अब छात्रों की मांग सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं है। छात्र नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल और नर्सिंग डीन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इस मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। छात्रों ने KGMU की आंतरिक जांच समिति पर भी सवाल उठाए हैं और मांग की है कि जांच में विश्वविद्यालय से बाहर के वरिष्ठ अधिकारी और स्वतंत्र चिकित्सा विशेषज्ञ भी शामिल किए जाएं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन और आगे बढ़ाया जाएगा। छात्रों ने भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी है। यानी आने वाले समय में KGMU परिसर में विरोध और तेज हो सकता है। छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक छात्रा का मामला नहीं है, बल्कि नर्सिंग छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल छुट्टी, ड्यूटी और हॉस्टल से जुड़ी समस्याओं का भी मामला है।

इस पूरे मामले में KGMU प्रशासन का भी पक्ष सामने आया है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने छात्रों की मांगों को लेकर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की बात कही है और छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की है। वहीं छात्रों का कहना है कि उन्हें अब सिर्फ मौखिक आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि लिखित और ठोस कार्रवाई चाहिए। यही वजह है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिव्यांशी यादव की मौत से जुड़े पूरे मामले की सच्चाई क्या है? क्या उस समय उसे सही समय पर मेडिकल छुट्टी और इलाज की सुविधा मिली थी? क्या अटेंडेंस और ड्यूटी को लेकर छात्रों पर किसी तरह का दबाव था? और अगर छात्रों के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।

फिलहाल KGMU में नर्सिंग छात्रों का प्रदर्शन जारी है। छात्र पोस्टर और बैनर लेकर अपनी मांगों को उठा रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक वे पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। अब देखना होगा कि KGMU प्रशासन और विश्वविद्यालय के अधिकारी छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेते हैं और दिव्यांशी यादव की मौत के मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

लखनऊ के KGMU से जुड़ी इस खबर पर हमारी नजर बनी हुई है। जैसे ही इस मामले में कोई बड़ा अपडेट सामने आएगा, हम आपको इसकी जानकारी देंगे।

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