
कमीशन खोरी का बोलबाला भाड़ में जाये जनता, कब होगी इन पर कार्यवाही
रामनगर बाराबंकी : एक तरफ प्रदेश के तेजतर्रार गरीबो के हमदर्द मसीहा मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के सख्त तेवर से प्रदेश के बड़े बड़े अधिकारी काँपते है। जरा सी गलती मिली तो फौरन अधिकारियो पर कार्यवाही होती है। लेकिन उनके तेवर से अनजान बीडीओ व ग्राम पंचायत अधिकारी की कमीशन खोरी के चलते ग्राम सभा मे हो रही निर्माण मे घटिया साम्रगी का इस्तिमाल किया जा रहा है। जब कोई ग्रमीण इसकी शिकायत करता है तो भगा दिया जाता है। रामनगर क्षेत्र में बन रहे पंचायत घर घटिया क्वालिटी के बन रहे हैं जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो रही है ।कोई भी अधिकारी कमीशन के चलते गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रहा है।
रामनगर ब्लॉक में 33 स्थानों पर पंचायत घर बनना है जिनमे 10 जगह कार्य शुरू हो गया है।यह 15वें वित्त व मनरेगा योजना से बनाए जा रहे हैं। इनमें बीच में एक हाल अगल-बगल कमरे व शौचालय स्नानागार बनने हैं। इसकी लागत साढ़े तेरह लाख बताई गई है। बन रहे पंचायत घरों में अधिकतर पंचायत घर पीले ईंटे से बनाए जा रहे हैं और मौरंग सीमेंट का मिश्रण भी घटिया है जिससे उनकी मजबूती पर सवालिया निशान लग रहे। कई जगहों पर अभी भी पीले ईंटे मौजूद है। ऐसा नहीं है कि जिले के डीपीआरओ से लेकर अन्य अधिकारी इस घटिया निर्माण के प्रति अनजान हो लेकिन कमीशन के चक्कर में क्वालिटी सही नहीं करा रहे हैं।
प्रधानों का कहना है कि उन्हें दस से पन्द्रह प्रतिशत तक कमीशन देना पडता है जिससे अच्छा निर्माण कार्य संभव नही है फिर भी जितना अच्छा हो सकता है बनाया जा रहा है। चर्चा है कि पंचायत घरों की मंजूरी में भी स्वीकृति के नाम पर पैसा लिया गया था। कई प्रधान कमीशन देने के चक्कर में काम शुरू ही नहीं करवाए हैं। यही हाल सामुदायिक शौचालय के निर्माण में भी रहा। कई जगह पीली ईंटों का शौचालय बन गया। अधिकारी गए और अपना उल्लू सीधा कर चले आए। बीडीओ द्वारा बताया गया कि वे जल्द ही जांच करेंगे। जहां घटिया निर्माण होगा वहां कार्रवाई होगी।