
जैदपुर बाराबंकी : दो दिन पूर्व ग्राम पंचायत टिकरा से मार्फीन खरीद कर ले जा रहे दो यूवक को पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया था मगर मारफीन कहा से खरीदी इस बात का अभी तक कोई अता पता नहीं चला। स्थानीय थाना जैदपुर के हरख जाने वाले मार्ग के माइनर पर बुधवार को मुखबिर की सूचना के आधार लखनऊ ठाकुरगंज निवासी रवि शंकर व सुमित शर्मा को 100 ग्राम अवैध मारफीन के गिरफ्तार कर कार्यवाही तो की परन्तु माल कहा से खरीदा गया अभी तक पुलिस को पता तक नही लगा। बताते चले कि मारफीन के कारोबार के चलते ग्राम पंचायत टिकरा की पूरे देश मे एक अलग पहचान बनी हुयी है।
जहां से जिले मे ही नही गैर जनपदों मे मारफीन का काला कारोबार फैला हुआ है यहा अक्सर कोई पियक्कड़ की मौत होती है तो किसी की लाश खेत खलिहान मे मिलती है। पुलिस पंचनामा और पोस्टमार्टम कराकर अपना पल्लू झाड़ लेती है। ये मौते के सौदागर अपनी मोटी कमाई से कबूतर की तरह सफेद फौशाक मे चमकते दिखते है। फिर पुलिस इनके कारोबार में रोक नही लगा पाती है बस गुड वर्क मे पियक्कड़ व छोटमैय्या लोगों को पकड़कर आपना सीना चैड़ा किये घूमती है। बड़े बडे तशकरो के घर छापामेरी करने मे आज तक असमर्थ होने के चलते मिनी सउदी के नाम से मशहूर टिकरा की पहचान और बढ़ती जा रही है। वैसे तो ईमानदार पुलिस अधीक्षक डा अरविंद चतुर्वेदी ने जिले पुलिसिंग सिस्टम मे काफी बदलाव किया है। मगर टिकरा मे हो रही तशकरी पर रोक न लगने से एक बडा सवाल खडा है।वहीं इमानदारी मे चर्चित थाना प्रभारी संदीप राय पर भी सवालिया निशान बना हुआ है।