
दिल्ली : सहित पूरे देश में कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हुए चार माह का वक्त गुजर चुका है लेकिन जमीनी हालात यह हैं कि 10 में से तीन स्वास्थ्य कर्मचारी और दो फ्रंटलाइन वर्कर अभी भी वैक्सीन से दूर हैं। छोटा राज्य, बेहतर संसाधन और तकनीकी ज्ञान में माहिर होने के बाद भी चार महीने में दिल्ली टीकाकरण का पहला चरण पार नहीं कर पाया है। इसे लेकर जब अमर उजाला ने जब पड़ताल शुरू की तो सरकारी आंकड़े ही चौंकान्ने वाले सामने आए। 16 जनवरी से देश में स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण चल रहा है। पहले चरण के तहत जनवरी और फरवरी माह में इन्हें प्राथमिकता देते हुए वैक्सीन दी गई थी लेकिन अभी हालात ऐसे हैं कि पहला चरण ही दिल्ली में 80 फीसदी तक नहीं पहुंचा है। केवल 78 फीसदी ही स्वास्थ्य कर्मचारी पहली खुराक ले पाए हैं। वहीं फ्रंटलाइन वर्करों की बात करें तो पहली खुराक इनमें से 80 फीसदी ने ली है।
यह भी पता चला कि स्वास्थ्य कर्मचारी, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 या उससे अधिक साल वाले लोगों के लिए पांच दिन की कोविशील्ड और एक दिन की कोवाक्सिन उपलब्ध है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि राज्य सरकार दूसरी खुराक पर अधिक ध्यान देने की वजह वैक्सीन की कमी पर जोर दे रही है। सरकार के पास इस वर्ग के लिए 623 केंद्र हैं जहां 75 हजार लोगों को एक दिन में वैक्सीन दिया जा सकता है। mराष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 89 फीसदी स्वास्थ्य कर्मचारी पहली खुराक ले चुके हैं। राजस्थान में यह संख्या 95, मध्यप्रदेश में 96 और छत्तीसगढ़ में 99 फीसदी तक पहुंच चुकी है लेकिन दिल्ली इन सबसे काफी पीछे है। ठीक इसी तरह 82 फीसदी फ्रंटलाइन वर्कर राष्ट्रीय स्तर पर पहली खुराक ले चुके हैं। गुजरात में 93, राजस्थान में 91 और मध्यप्रदेश में 90 फीसदी तक पूरे हो चुके हैं जबकि दिल्ली में अभी इनकी संख्या 80 फीसदी के आसपास है। यह हालत तब है जब दिल्ली में करीब 3.10 लाख स्वास्थ्य कर्मचारी और 4.79 लाख फ्रंटलाइन वर्करों ने वैक्सीन के लिए पंजीयन कराया था।
हर राज्य को करने चाहिए प्रयासनीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि वैक्सीन की आपूर्ति पूरे देश में की जा रही है लेकिन सिर्फ इसी पर ध्यान देना उचित नहीं है। हर राज्य को टीकाकरण सुधारने का प्रयास करना चाहिए। कई राज्य अच्छा कार्य भी कर रहे हैं। अब चूंकि दिल्ली देश की राजधानी है। इसलिए यहां ये उम्मीद नहीं की जा सकती। यहां और भी अधिक टीकाकरण होना चाहिए। दिल्ली सरकार के ही बुलेटिन के अनुसार स्वास्थ्य कर्मचारी, फ्रंटलाइन वर्कर, 45 या उससे अधिक आयु वालों के लिए दिल्ली में 623 केंद्र हैं जहां एक दिन में 75100 लोगों को वैक्सीन दी जा सकती है। पिछले एक दिन में 90832 को वैक्सीन दी है जिनमें 79353 पहली और 11479 को दूसरी खुराक दी गई। स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 से अधिक आयु वाले 29,050 को पहली और दूसरी खुराक मिली है। इस वर्ग के लिए सरकार के पास पांच दिन की कोविशील्ड और एक दिन की कोवाक्सिन भी उपलब्ध है।
इन्हें लगी है वैक्सीन की पहली खुराक
. 45,81,752 में से 35,23,802 को लगी पहली खुराक।
. 2,42,546 स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ली है पहली खुराक।
. 3,83,917 फ्रंटलाइन वर्कर ही ले पाए हैं पहली खुराक।. 22,57,410 (45 या उससे अधिक) वालों को लगी वैक्सीन।
. 6,39,929 (18 से 44 वर्ष) वालों को लगी है पहली खुराक
दूसरी खुराक : 35 में से अभी 10 लाख लोगों को ही मिली।