
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के भाई की असिस्टेंस प्रोफ़ेसर के पद पर नियुक्ति का मामला शांत होने रहा है। अब मामले में मंत्री सतीश द्विवेदी चारो तरफ से घिरे हुए नजर आ रहे हैं। यह सामने आता दिख रहा है कि, मंत्री के भाई की नियुक्ति नियमों को ताक में रखकर यानी गलत तरीके से की गई। सामान्य गरीब कोटे का EWS प्रमाण पत्र दस्तावेजों को छिपाकर बनाया गया था। इसके अलावा प्रशासन के बयानों में भी विरोधाभास नजर आ रहा है मामले में लेखपाल का कहना है कि उसने यह प्रमाणपत्र जारी नहीं किया है, प्रमाण पत्र पर उसके हस्ताक्षर नहीं हैं। इस परमं पत्र को एसडीएम ने जारी किया है।
बता दें कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि, जब मंत्री के भाई इससे पहले भी नौकरी पर थे तो उनका यह प्रमाण पत्र कैसे बन गया। साफ़ है कि, वास्तविक आय को छिपाकर यह प्रमाण पत्र बनवाया गया है। वर्ष 2019 में SDM ने यह प्रमाण पत्र जारी किया था। अब मुख्य तथ्य सामने के बाद पूरा मामला साफ़ होता दिख रहा है। मंत्री के भाई की नियुक्ति को लेकर अब विपक्ष भी हमलावर बना हुआ है और सवाल पूछ रहा है। इसको लेकर एक तरफ जहां विपक्ष मंत्री का इस्तीफा मांग रहा है तो वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के छात्र विंग ने धरना भी शुरू कर दिया है। आप नेता वंशराज दुबे ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया है।