
बहराइच : बुखार आना कोरोना सहित अन्य बीमारियों का भी सामान्य लक्षण हो सकता है । ऐसे में हर बुखार को कोरोना समझना गलतफहमी हो सकती है । मच्छरों से होने वाली बीमारियों में भी बुखार आता है । इसलिए डॉक्टर की सलाह पर ही इलाज करना चाहिए । विश्व मच्छर दिवस (20 अगस्त) पर मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारियों के लक्षण , बचाव व इलाज के बारे में लोगों को जागरूक किया गया ।
पयागपुर सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डॉ विकास वर्मा आरआई नोडल ने कहा कि बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप अधिक होता है। जल भराव और गंदंगी मच्छरों के लार्वा के लिए उपयुक्त स्थान होते हैं । इसीलिए इस मौसम में मच्छरों की संख्या में भी इजाफा हो जाता है और इनसे होने वाली बीमारियाँ जैसे डेंगू, चिकनगुनिया , मलेरिया और दिमागी बुखार आदि के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। उन्होने कहा कि मच्छर रोधी उपायों को अपनाकर मच्छर पैदा होने से रोका जा सकता है । इसके साथ ही उन्होने लोगों क सलाह दी कि कपड़े ऐसे पहनें जिससे पूरा शरीर ढका रहे और मच्छरदानी लगाकर सोयें |
ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धक अनुपम शुक्ल ने बताया उप स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कर्मचारियो के सहयोग से महिलाओं के साथ बैठक कर स्वच्छता व मच्छरों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया । गर्भवती व धात्री माताओं को मच्छरदानी लगाकर सोने का सलाह दी गयी ।इस दौरान डॉ. अरुण मौर्या, अश्वनी वर्मा, रमेश चन्द्र, अजय सिंह, रवि निगम, अभिषेक द्विवेदी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
करें जरूरी उपाय
घर में मच्छरजनित परिस्थितियां न पैदा होने दें।
छतों पर या आस-पास खुले में पड़े टायर, नारियल के खोल, प्लास्टिक के कप या बोतल, मिट्टी के खाली बर्तन , पशु व पक्षियों के पीने के पात्र आदि जिसमें बारिश का पानी भर सकता हो नष्ट कर दें, इनमें मच्छरों के लार्वा आसानी से पनप सकते हैं।
गमलों का पानी, कूलर और फ्रिज के पीछे के टैंक आदि का पानी हर सप्ताह बदल दें
आस पास साफ सफाई रखें और नालियों में पानी न जमा होने दें
फुल आस्तीन के कपड़े पहनें व मच्छरदानी का प्रयोग करें