
अमन शांति न्याय को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में तीन दिवसीय कांफेंस में जुटेंगे धर्मगुरु और बुद्धिजीवी :
लखनऊ : देश के 18 राज्यों के कई गांव और कई शहरों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए और मजहबे इस्लाम व पैग़ंबरे इस्लाम के द्वारा दिए गए इंसानियत के पैगाम को पहुंचाने के लिए लंबे समय से काम कर रही संस्था तंजीमुल मकातिब की तरफ से तीन दिवसीय बुद्धिजीवी कॉन्फ्रेंस का आयोजन गोलागंज स्थित तंजीमुल मकातिब में किया जाएगा। 10, 11 और 12 दिसंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में धर्मगुरु और बुद्धिजीवी वर्ग से संबंध रखने वाली कई शख्सियतों को बुलाया गया है कान्फ्रेंस का उद्देश्य यह होगा कि कुछ अराजक तत्वों के द्वारा मजहबे इस्लाम और पैगंबर इस्लाम के बारे में गलत बयानी कर जो भ्रांतियां और असमंजस का माहौल पैदा किया जा रहा है

ऐसे असामाजिक तत्वों से आम जनता को सावधान और जागरूक किया जाए । तीन दिवसीय कांफ्रेंस से पहले आज तंजीमुल मकातिब के शिया धर्मगुरु मौलाना सफी हैदर ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को बताया कि अल कायदा ,दाईश, तालिबान, बोको हराम जैसे आतंकवादी संगठन कुरान और हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने वाले संगठन नहीं हैं बल्कि ये संगठन कुरान और हजरत मोहम्मद साहब के संदेशों के कट्टर विरोधी हैं उन्होंने कहा कि कुरान में लिखी इन्हीं बातों को ईश्वर के अंतिम सन्देश और ईश्वर के आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने दुनिया भर के इंसानों के सामने इंसानियत के पैगाम को पेश किया है

परंतु धर्म, रंग ,नस्ल ज़बान और मुल्क के नाम पर सत्ता सुख प्राप्त करने वाली चरित्रहीन और शांति एवं न्याय विरोधी शक्तियां इस्लाम का चोला ओढ़ कर इस्लाम के उसूलों और मोहम्मद साहब के नाम को बदनाम कर रही हैं । उन्होंने वसीम रिजवी का नाम लिए बगैर ही कहा कि इस तरह की मानसिकता वाले लोगों से हमारी सीधी टक्कर नहीं है बल्कि हम इस्लाम और कुरान के संदेश को पूरी दुनिया में पहुंचाना चाहते हैं और यह काम हम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तंजीमुल मकातिब में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य ही है कि गंगा जमुनी तहजीब वाले हमारे देश भारत में फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सके और भाईचारे को और मजबूत किया जा सके।