
टाटा मोटर्स ने वित्त वर्ष 2022 के लिए 8वीं वार्षिक सीएसआर रिपोर्ट जारी की
सामुदायिक कार्यक्रमों ने साल भर में 7.9 लाख से ज्यादा लोगों की जिंदगी को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया
मुंबई : देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने आज अपनी 8वीं वार्षिक कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलटी रिपोर्ट (सीएसआर) जारी की। इस रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2022 में सामाजिक और पर्यावरण की चुनौतियों का निपटारा करने के लिए किए गए किए गए प्रयासों को उभारा गया है। समाज को प्रभावित करने के लिए सबकी प्रगति, स्थिर विकास तथा राष्ट्रनिर्माण को बढ़ावा दिया गया। कंपनी के प्रयासों ने कुल मिलाकर 7.9 लाख से ज्यादा लोगों की जिंदगी को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया। इसमें से 40 फीसदी से ज्यादा लाभार्थी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के थे।
इस साल के दौरान पूरे देश भर में अपनी पहुंच बनाने के लिए टाटा मोटर्स ने डिजिटाइजेशन और तकनीकी एकीकरण का लाभ उठाया ताकि अपनी हर पहल से भारत भर में पहुंच बनाई जा सके और यह सभी प्रासंगिक हितधारकों की क्षमता को एकसाथ लेकर आया है। सामाज पर गहरा प्रभाव डालने वाली पहल में स्थानीय निकाय, सरकारी प्राधिकरण, कार्यान्वयन साझीदार और स्वयं लाभार्थी शामिल हैं। कंपनी ने अपने सहयोगी प्रयासों के माध्यम से सामाजिक कल्याण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम करते हुए स्थायी, अनुकरण करने योग्य, चुस्त-दुरुस्त और भविष्य के लिए तैयार नतीजे हासिल किए।
इस अवसर पर टाटा मोटर्स के चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर श्री एसजेआर कुट्टी ने कहा, “सामुदायिक कल्याण हमारी विचारधारा का मूल सिद्धांत है, जो हमें समाज में गरीबों और उपेक्षित लोगों के जीवनस्तर में सुधार का प्रयास करने के लिए तैयार करता है। इसके साथ ही हमने अपने पार्टनरशिप मॉडल में ठोस विकास को मजबूती से गूंथा है। सहकारी सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ी पहल से ज्यादा का ज्यादा प्रभाव लोगों पर डालने के लिए हमने सरकार से भी साझेदारी की है। सावधानी पूर्ण ढंग से योजना बनाकर और अपने वित्तीय और मानव संसाधनों का आदर्श रूप में इस्तेमाल कर हमें उम्मीद है कि हम हर गुजरते साल के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों का जीवनस्तर ऊपर उठा सकेंगे।“
टाटा मोटर्स ने अपनी पहल से समाज के विभिन्न वर्गों में विविध समूहों को बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचाया है। टाटा मोटर्स की सीएसआर पहल में चार प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं जोकि देश के विकास के क्षेत्र में आ रही प्रमुख चुनौतियां को प्रतिक्रिया देते हैं। इनमें स्वास्थ्य (आरोग्य), शिक्षा (विद्याधनम),पर्यावरण (वसुंधरा) और रोजगार की क्षमता (कौशल) शामिल है।
वित्त वर्ष 2022 के लिए टाटा मोटर्स की सीएसआर रिपोर्ट के प्रमुख अंशों में शामिल हैं :
कोविड-19 टीकाकरण तक ज्यादा से ज्यादा लोगों की पहुंच बनाई
सरकारी टीकाकरण के प्रयासों का समर्थन करते हुए टाटा मोटर्स ने मेडिकल संसाधनों से पूरी तरह लैस 11 मोबाइल वैक्सिनेशन वैन तैयार की। यह वैन दूरदराज के क्षेत्रों में लाभार्थियों के घरों तक पहुंचीं। 6 जिलों के करीब 250 गांवों में 80 हजार से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई गई, जिसमें से 45 फीसदी महिलाएं सामाजिक रूप से उपेक्षित वर्गों की थी। अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर कंपनी ने कोविड कल्याण की दिशा में एक फंड बनाया और इसमें कुल मिलाकर 6.3 करोड़ रुपये दान किए।
एक स्वस्थ और मजबूत भारत का निर्माण
स्वास्थ्य रक्षा को सभी लोगों की पहुंच में लाते हुए, टाटा मोटर्स ने ‘आरोग्य’ नाम से पहल की थी। इस पहल ने सकारात्मक रूप से 5.5 लाख से ज्यादा लोगों पर प्रभाव डाला। साल के दौरान कंपनी ने 3.6 लाख लोगों को पूरक आहार और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की। इसके अलावा कंपनी देश भर के 2900 कुपोषित बच्चों में से 67 फीसदी को तंदुरुस्त बच्चों की श्रेणी में लेकर आई है। इससे कंपनी ने स्वस्थ बचपन के फलने-फूलने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई है। कुछ जगहों पर 100 फीसदी बच्चों को कंपनी अपने प्रयासों से स्वस्थ बच्चों की श्रेणी में लाने में कामयाब हो पाई है। इसके अलावा एक लाख लोगों, खासतौर से युवा माताओं के लिए व्यवहार में बदलाव के साथ महत्वपर्ण विषयों पर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इनमें मासिक धर्म, जल्दी शादी के नुकसान, परिवार नियोजन, प्रजनन स्वास्थ्य, बच्चों के जन्म में अंतर, नवजात बच्चों एवं शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्हें समय पर वैक्सीन लगवाना आदि जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
सभी के लिए पानी की सुरक्षा
अपनी अमृतधारा पहल के माध्यम से टाटा मोटर्स ने देश में पानी की कमी वाले इलाकों, खासतौर से आदिवासी क्षेत्रों में, 5800 लोगों को उनके घर के 200 मीटर के दायरे में प्रतिदिन 30 लीटर स्वच्छ पीने का पानी हासिल करने में सक्षम बनाया है।
सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना
प्रगतिशाल राष्ट्र के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक उनकी समान पहुंच बेहद आवश्यक है। विद्याधनम के माध्यम से टाटा मोटर्स ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं, जो 1 लाख से ज्यादा छात्रों को गुणवत्तापूर्वक शिक्षा तक पहल प्रदान करते हैं। 22,000 सरकारी स्कूली छात्रों को एक्सट्रा क्लासेज देकर सहयोग दिया गया। इसके नतीजे के तौर पर 96 फीसदी बच्चों ने अपनी बोर्ड की परीक्षाएं पास कर ली। 64 फीसदी की फर्स्ट डिविजन आई या उससे भी ज्यादा नंबर आए। इसके अलावा वित्त वर्ष 2022 में कंपनी की 477 जवाहर नवोदय विद्यालयों के साथ साझेदारी से 42 फीसदी छात्रों को जेईई मेन्स के लिए क्वॉलिफाई करने का सहयोग मिला। इनमें से 26 फीसदी ने जेईई एडवास्ड क्लियर किया, 38 फीसदी छात्रों को विभिन्न आईआईटी में एडमिशन मिला और अन्य छात्रों ने एनआईआईटी जैसे शीर्ष संस्थानों के लिए क्वालिफाई किया।
नौजवानों को कौशल प्रदान करना
“कौशल्या” योजना के तहत टाटा मोटर्स ने भारत सरकार के स्किल इंडिया विजन में सहयोग देने के लिए कई ठोस कदम उठाए। कंपनी की ओर से लोगों को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कार्यक्रम चलाए गए, जिसमें 45,000 से ज्यादा किसानों और नौजवानों को प्रशिक्षित किया गया। इनमें से 78 फीसदी लोगों को नौकरी मिल गई और वह औसत 8,500 रुपये से ज्यादा कमा रहे हैं। कंपनी ने अपने अर्न, लर्न एंड प्रोग्रेस कार्यक्रम (एलईएपी) का विस्तार कर समाज के गरीब और सुविधाविहीन युवाओं को ऑटोमेटिव स्किल्स की ट्रेनिंग दी। इसके लिए कंपनी ने 2014 में दो इंस्टिट्यूट्स खोले थे, जबकि वित्त वर्ष 2021 में कंपनी के 21 राज्यों में 60 इंस्टिट्यूट हो गए। इसमें 32,300 नौजवानों को ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण के बाद उन्हें 10 हजार रुपये या उससे ज्यादा की सैलरी वाली जॉब ऑफर की गई।
पर्यावरण को समृद्ध बनाना
कार्बन फुटप्रिंट में कटौती कर और पर्यावरण की स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए टाटा मोटर्स ने वसुंधरा के तहत स्वदेशी जाति की किस्मों के 1.9 लाख से ज्यादा पौधे लगाए। इनमें पौधों के जीवित रहने की दर 87 फीसदी दर्ज की गई। इससे कई जगहों पर पौधों और जीवों के सूक्ष्म आवास का निर्माण हुआ। कंपनी ने महाराष्ट्र के जाव्हर में वाडी मॉडल पर अमल किया, जहां 2000 से ज्यादा किसानों ने 2.7 लाख से ज्यादा पौधे लगाए, जिसमें 1000 एकड़(265 हेक्टेयर) से ज्यादा मृदा का संरक्षण किया गया।
समानता लाने के लिए प्रयास
टाटा मोटर्स ने अपनी “आधार” पहल से समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करना सुनिश्चित किया। लोगों को शिक्षा हासिल करने के समान अवसर देने के प्रयास किए गए। सामाजिक भेदभाव को खत्म करने की दिशा में कोशिश की गई। युवाओं की रोजगार हासिल करने और कारोबार का संचालन करने की क्षमता को निखारा गया। इस साल कंपनी की सीएसआर पहल के लिए आवंटित बजट का 40 फीसदी हिस्सा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण कार्यों के लिए ही था।
ग्रामीण भारत को मजबूत बनाना
टाटा मोटर्स ने सरकार की कल्याणकारी और वित्तीय योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने की दिशा में छह राज्यों, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अथक परिश्रम किया। कंपनी ने इन राज्यों में आदिवासी समुदाय के 17,500 व्यक्तियों के जीवनस्तर को सुधारा। कंपनी ने उनमें जागरूकता जगाई और उन तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया।
बदलाव के लिए स्वैच्छिक योगदान
2021-22 में, टाटा मोटर्स 34 फीसदी कर्मचारियों ने बदलाव की दिशा में अपना योगदान दिया, जिसमें 28,500 घंटे खर्च किए गए ।