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तीन महीने में अमीरों ने बेच दीं 50 लाख वाली 45 लग्जरी कारें, जानिए क्या है वजह

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लखनऊ : कोरोना के कारण परेशान बड़े बिजनेसमैन अपनी लग्जरी कारें बेच रहे हैं। बोझ बनता भारी भरकम मेंटीनेंस और आय में कमी इसका बड़ा कारण है। इसके विपरीत सेकेंड हैंड छोटी कारों की मांग आश्चर्यजनक रूप से बढ़ी है।
40 लाख से ऊपर वाली लग्जरी कारों की खरीद-फरोख्त में कानपुर पूरे प्रदेश में नंबर वन पर है। सामान्य दिनों में हर महीने 40 से 50 लग्जरी कारें बिकती हैं। कोरोना काल में कारोबारियों की आय घटी तो उन्होंने अपनी गाड़ियों को निकालना शुरू कर दिया। तीन महीने में 50 लाख रुपए वाली 45 यूज्ड कारें अमीरों ने बेच दीं। इनमें से अधिकांश गाड़ियां किस्तों पर खरीदी गई थीं, जो डिफाल्ट होने पर बेची जाने लगीं।
120 से ज्यादा छोटी कारों की डिमांड
सेकंड हैंड वाहनों का कारोबार करने वाले अंकित सिंह ने बताया कि पहले लगा कि कारोबार पूरी तरह से चौपट हो जाएगा, लेकिन पहले के मुकाबले 50 हजार से तीन लाख रुपए तक की कारों की मांग बढ़ गई है। व्यापारी रोमी भल्ला ने बताया कि कोरोना काल में लंबी दूरी की ट्रेनें बंद होने के कारण भी सेकेंड हैंड कारों की मांग बढ़ गई। काम पर जाने के लिए लोग आटो-टेम्पो से सफर करने के बजाय अपने वाहन को तरजीह दे रहे हैं। स्थिति ये है कि पहले छोटी कारों की हर महीने औसत मांग 50 होती थी जो बढ़कर 100 से भी ज्यादा हो गई है।
पुनीत खन्ना, एमडी, खन्ना हुंडई कहते हैं कि यूज्ड कार का अलग बिजनेस असंगठित क्षेत्र में है। सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदने वाले ग्राहक का पैसा ज्यादा मेहनत का होता है। कोरोना पीरियड में सेकेंड हैंड छोटी गाड़ियों की मांग काफी बढ़ी है लेकिन इसे खरीदते समय सावधानी बरतने की भी जरूरत है।  सचिन भाटिया, लग्जरी कार डीलर बताते हैं कि कोरोना के कारण बड़े कारोबारियों का बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हुआ है इसीलिए लग्जरी कार बेचने वालों की संख्या काफी बढ़ी है। सेकेंड हैंड लग्जरी कार खरीदने वाले भी घटकर 25 प्रतिशत रह गए हैं। इसके उलट सेकेंड हैंड छोटी कारों की मांग दोगुना से भी ज्यादा हो गई है।
सेकेंड हैंड कार खरीदते समय बरतें सावधानी
-कार को अधिकृत सर्विस स्टेशन पर जाकर चेक कराएं
-मीटर बैक हो जाते हैं और इंजन खुल जाते हैं, ऊपरी साज सज्जा पर न जाए
– जो गाड़ी खरीद रहे हैं, आनलाइन उस मॉडल की कीमत काउंटर चेक कर लें
-विश्वस्नीय विक्रेता या अधिकृत डीलर से ही गाड़ी खरीदें
-गाड़ी लेने से पहले जरूर चेक कर लें कि किसी तरह का लोन या गारंटी तो नहीं
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