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कांग्रेस सेवा दल ने नई शिक्षा नीति की जलाई होली

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कहा, संविधान के खिलाफ है मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति

लखनऊ : शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल ने नई शिक्षा नीति के अध्यादेश की प्रतियों की होली जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस सेवादल के नेतृत्व में लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति की होली जलाई।उप्र कांग्रेस सेवादल मध्य जोन के अध्यक्ष राजेश सिंह काली ने कहा कि केन्द्र सरकार की नई शिक्षा नीति में कई विसंगतियां हैं। नई नीति लागू होने के बाद विद्यार्थियों का जीवन अंधकारमय हो जाएगा। इन विसंगतियों को दूर करने के लिए कांग्रेस सेवादल आज शिक्षक दिवस के मौके पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है।

लखनऊ में डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के साथ-जन जन का है यह अधिकार, शिक्षा से मत करो खिलवाड़, ‘शिक्षा नीति का आधार, बीजेपी करती है व्यापार‘ ‘शिक्षा जीवन का आधार उसके बिना सब कुछ है बेकार’, आदि नारांे के साथ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया।

नई शिक्षा नीति में बताई ये खामियां

श्री काली ने कहा, भारत के संविधान में 14 वर्ष की आयु तक के बच्चों को निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया गया है। लेकिन केन्द्र सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 इस अधिकार का हनन कर रही है। नई शिक्षा नीति शिक्षा के बाजारीकरण को बढ़ावा देगी। इस शिक्षा नीति सम्बन्धी नियामक स्वायत्त संस्थाओं को ध्वस्त कर केन्द्रीयकृत व्यवस्था बनायी जा रही है जो देश के संघीय ढांचे पर प्रहार है। इस प्रकार राज्यों की स्वायत्ता को समाप्त करने का षडयंत्र है। नई नीति में साम्प्रदायिक संघवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है जिसे तुरन्त रोका जाए।

त्रिभाषा व्यवस्था को यथावत रखा जाए

श्री काली ने कहा कि शिक्षा नीति में देश की विविधता के परिपे्रक्ष्य में सभी को एक समान शिक्षा प्रदत्त करने के समान खाके को नकारा गया है। वर्तमान में लागू त्रिभाषा व्यवस्था को यथावत रखा जाये एवं बाजार के लिए सस्ते श्रमिक तैयार करने के बजाए जीवन कौशलता की शिक्षा पर जोर दिया जाये। विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से उपस्थित स्वयंसेवकों में सुशील तिवारी, संजीव सिंह, आलेख पाण्डेय, शिवम श्रीवास्तव, शहर अध्यक्ष जीवन श्रीवास्तव, राकेश तिवारी, सुनील शर्मा, नेकपाल यादव, सरवन रावत, रिंकू गौतम आदि उपस्थित रहे।

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