
बड़ी मुश्किलों के बाद मिला स्ट्रेचर
लखनऊ : कोरोना महामारी के बीच अस्पतालों में लगातार अन्य गंभीर मरीजों के साथ लापरवाही बरती जा रही है। मामला केजीएमयू का है। जहां सिर में चोट लगे मरीज को होल्डिंग एरिया में घंटों इलाज नहीं मिला
परिवारीजनों का आरोप है कि स्ट्रेचर या व्हील चेयर के लिए करीब दो घंटे तक भटकते रहे। बड़ी मुश्किलों के बाद स्ट्रेचर मिला। तपती धूप में मरीज की हालत और गंभीर हो गई। कोरोना जांच के बाद मरीज का इलाज शुरू करने की बात डॉक्टरों ने कही है
आठ सितम्बर को सीतापुर निवासी दीपू (30) छत से गिर गया था। सिर समेत शरीर के दूसरे अंगों में चोट लग गई। परिवारीजनों ने दीपू को घायल अवस्था में सीतापुर के अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इलाज के बावजूद तबीयत में सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को गंभीर अवस्था में मरीज को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया
भाई संकटा का आरोप है कि दोपहर 11:30 बजे मरीज को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां से मरीज को वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग में बने होल्डिंग एरिया में भर्ती कराने की सलाह दी। एम्बुलेंस से लेकर होल्डिंग एरिया पहुंचे। यहां एम्बुलेंस बाहर ही रोक दी गई। मरीज को व्हील चेयर या स्ट्रेचर पर ले जाने की सलाह दी