
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में यूनानी इलाज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फोर्थ यूनानी सेमिनार का आयोजन किया गया
लखनऊ में आज इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में यूनानी इलाज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फोर्थ यूनानी सेमिनार का आयोजन किया गया इस सेमिनार में देश के सभी जगह से व विदेश से भी डॉक्टरों ने हिस्सा लिया वहीं आज सेमीनार में डॉक्टर सलमान ने भी अपना विचार मीडिया से साझा किया और उन्होंने कहा कि यूनानी डॉक्टर ही देश के गांव तक यहां तक की छोटे-छोटे इलाकों में अपनी सेवाएं देते हैं

जहां एलोपैथिक डॉक्टर नहीं पहुंच सकते हैं उसाथ ही कहा कि सरकार को चाहिए की यूनानी डॉक्टरी डॉक्टर को बढ़ावा देना चाहिए और उन्हें बेहतर सुविधाओ के साथ एलोपैथ में भी प्रैक्टिस की कानूनी मान्यता प्रदान करनी चाहिए साथ उन्होंने कहा यूनानी दवाएं आयुर्वेद की तरह ही कारगिल है और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है जबकि एलोपैथिक में साइड इफेक्ट की संभावनाएं बहुत होती है

उन्होंने कहा कि कुदरत द्वारा प्रदान जड़ी बूटियां से यूनानी दवाओं को बनाया जाता है जिसमें बीमारियों को जड़ से इलाज कर खत्म करता है उन्होंने लोगों से भी अपील की वह लोग यूनानी दावों को भी मर्ज में इस्तेमाल करें| साथ ही इस मौके पर विशिस्ट लोगो और छात्रों को संनित भी किया गया