
नई दिल्ली:कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ FIR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात पुलिस पर सवाल उठाए. सुप्रीम कोर्ट ने कविता पर FIR दर्ज करने पर सवाल उठाए.

सुनवाई के दौरान जस्टिस अभय एस ओक ने कहा कि यह केवल एक कविता है.
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने कविता के अर्थ को ठीक से नहीं समझा. यह कविता किसी धर्म के खिलाफ नहीं है और इसमें यह संदेश दिया गया है कि यदि कोई हिंसा में लिप्त है, तो हम हिंसा में लिप्त नहीं होंगे. यह कविता किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से कहा कि इस मामले में अपना विवेक लगाएं क्योंकि क्रिएटिविटी भी जरूरी है. कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ FIR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात पुलिस पर सवाल उठाए. सुप्रीम कोर्ट ने कविता पर FIR दर्ज करने पर सवाल उठाए. सुनवाई के दौरान जस्टिस अभय एस ओक ने कहा कि यह केवल एक कविता है. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने कविता के अर्थ को ठीक से नहीं समझा. यह कविता किसी धर्म के खिलाफ नहीं है और इसमें यह संदेश दिया गया है कि यदि कोई हिंसा में लिप्त है, तो हम हिंसा में लिप्त नहीं होंगे. यह कविता किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से कहा कि इस मामले में अपना विवेक लगाएं क्योंकि क्रिएटिविटी भी जरूरी है. कांग्रेस से राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ गुजरात के जामनगर मे दर्ज मुकदमे को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई मे सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी करते हुए इमरान प्रतापगढी के खिलाफ कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. गुजरात हाईकोर्ट ने 17 जनवरी को कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की याचिका खारिज कर दी थी.