
लखनऊ में आम निर्यात बढ़ाने पर मंडलीय समिति की बैठक, रेलवे कोच बुकिंग और एयर स्पेस सुनिश्चित करने के निर्देश
लखनऊ में आम निर्यात बढ़ाने पर मंडलीय समिति की बैठक, रेलवे कोच बुकिंग और एयर स्पेस सुनिश्चित करने के निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आम को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने और निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डास्प सभागार, उद्यान निदेशालय लखनऊ में मंडलीय आम निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता हाफेड के प्रभारी प्रबंध निदेशक विनय कुमार ने की। बैठक में आम के सुगम परिवहन, गुणवत्ता सुधार, एयर कार्गो सुविधा, तकनीकी प्रशिक्षण और पैक हाउस सुविधाओं को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।प्रबंध निदेशक विनय कुमार ने निर्देशित किया कि आम के शीघ्र नष्ट होने वाले प्रकृति को देखते हुए इसके त्वरित परिवहन की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से मलिहाबाद क्षेत्र से रेलवे कोच की अग्रिम बुकिंग को प्राथमिकता देने तथा व्यापारी समूहों को इसके लिए प्रेरित करने को कहा गया। यह जानकारी उप निदेशक उद्यान लखनऊ मंडल ने दी और बताया कि इस सुविधा की बुकिंग व्यापारी अब अग्रिम रूप से कर सकते हैं।बैठक में मौजूद निर्यातक धनंजय प्रताप ने तेज परिवहन व्यवस्था की मांग की, जबकि मलिहाबाद के आम उत्पादक उपेन्द्र सिंह ने गंतव्य स्टेशन से मंडी तक की ढुलाई व्यवस्था को भी मजबूत करने का सुझाव दिया। इस पर अधिकारियों ने बताया कि रेल मार्ग से परिवहन का भाड़ा सड़क मार्ग की तुलना में लगभग छह गुना सस्ता है, जिससे निर्यातकों को लाभ होगा।गुणवत्ता सुधार की दिशा में निर्यातक अकरम बेग ने आम की तुड़ाई पूर्व और पश्चात की देखभाल पर ध्यान देने की बात कही। इसके उत्तर में प्रबंध निदेशक हाफेड ने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है और निर्यातकों व फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों से एपीडा के हार्टीनेट पोर्टल पर पंजीकरण कराने की प्रक्रिया प्रचलन में है।बैठक में मैंगो बैग की समय पर उपलब्धता, मानक डिब्बों की व्यवस्था, जिलेवार क्लस्टर निर्माण और किसानों के प्रशिक्षण पर भी विस्तृत चर्चा की गई। मंडी प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि मैंगो पैक हाउस की मशीनों की मरम्मत युद्धस्तर पर चल रही है और 15 मई तक वीएचटी ट्रीटमेंट लाइन का प्रमाणपत्र प्राप्त हो जाएगा, जिससे निर्यात प्रक्रिया में सहूलियत होगी।वहीं, निर्यातकों ने लखनऊ से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में आम के लिए पर्याप्त एयर स्पेस की व्यवस्था की मांग रखी। इस पर कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार निदेशालय के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि अमौसी एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट्स में एयर स्पेस सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है।अवध आम उत्पादक सहकारी समिति के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह ने आम के निर्यात पर मिलने वाले अनुदान की पात्रता सीमा को कम करने की मांग की। इस पर कृषि विपणन निदेशालय के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान नीति के अनुसार, अनुदान के लिए कुल उत्पादन का न्यूनतम 30 प्रतिशत निर्यात आवश्यक है। हालाँकि, यदि अधिक सुझाव प्राप्त होते हैं, तो उन्हें शासन को विचारार्थ भेजा जाएगा।बैठक में उद्यान विभाग के सभी संयुक्त निदेशक, निर्यात प्रकोष्ठ के उप निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, कृषि विपणन एवं कृषि निर्यात निदेशालय के प्रतिनिधि, उप निदेशक उद्यान लखनऊ मण्डल तथा 50 से अधिक निर्यातकों एवं कृषक उत्पादक समूहों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
