
उत्तर प्रदेश में मनरेगा योजना के तहत 19,600 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूर्ण, ग्रामीण विकास में तेजी
उत्तर प्रदेश में मनरेगा योजना के तहत 19,600 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूर्ण, ग्रामीण विकास में तेजी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत मनरेगा योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण तेजी से जारी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीण अंचलों में बच्चों के लिए सुरक्षित, सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी केंद्र उपलब्ध कराए जाएं। ग्राम्य विकास, बाल विकास और पंचायती राज विभाग के अभिसरण से यह निर्माण कार्य योजनाबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 से लेकर अब तक प्रदेश में 19,600 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वर्ष 2018-19 में 3866, 2019-20 में 2015, 2020-21 में 4042, 2021-22 में 1871, 2022-23 में 2332, 2023-24 में 1981 और 2024-25 में 3202 केंद्रों का निर्माण कार्य पूरा किया गया। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 292 आंगनबाड़ी केंद्र बनकर तैयार हो चुके हैं और 9773 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।राज्य सरकार द्वारा इन आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के खेलने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि शिक्षा के साथ-साथ उनका समग्र विकास हो सके। साथ ही यह विशेष ध्यान रखा गया है कि कोई भी केंद्र राष्ट्रीय राजमार्गों या अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों के पास न बनाया जाए, जिससे बच्चों की सुरक्षा प्रभावित न हो।आयुक्त ग्राम्य विकास जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है। नियमानुसार मनरेगा अभिसरण के तहत पंचायतों के स्तर पर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप निर्माण कार्यों को स्वीकृत किया जा रहा है। यह पहल जहां एक ओर ग्रामीण बच्चों के लिए शिक्षा और पोषण का आधार बन रही है, वहीं दूसरी ओर गांवों में रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को भी बढ़ावा मिल रहा है।सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर पंचायत में एक सुव्यवस्थित आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि सभी ग्रामीण बच्चों को समान अवसर उपलब्ध हो सकें। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में यह कार्य राज्य के समावेशी और सतत विकास के संकल्प को मजबूत कर रहा है।
