
लखनऊ में पहली बार ‘युवा कौशल चौपाल’ का आयोजन: आत्मनिर्भर युवाओं की सफलता की गूंज से गूंजेगा मंच
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी इस बार विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई) को एक ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कौशल भारत – महाशक्ति भारत’ संकल्प और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पहली बार ‘युवा कौशल चौपाल’ का आयोजन किया जा रहा है। 15 और 16 जुलाई 2025 को दो दिवसीय इस आयोजन में वह युवा अपनी प्रेरणादायक कहानियाँ साझा करेंगे, जिन्होंने कौशल प्रशिक्षण के ज़रिये न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार का जरिया बने।इस विशेष कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) से प्रशिक्षित सैकड़ों युवा शामिल होंगे, लेकिन मंच पर स्थान मिलेगा उन 11 चुनिंदा युवाओं को, जो आज कौशल के बलबूते अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। ये युवा ‘कौशल युथ आइकॉन’ के रूप में सम्मानित किए जाएंगे।राज्य के कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा, “यह आयोजन सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक युवा प्रेरणा आंदोलन होगा। यह मंच स्किल इंडिया के विजन को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। इससे हर गांव-कस्बे के युवा को यह संदेश मिलेगा कि कौशल ही असली ताकत है, जिससे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा जा सकता है।”उन्होंने आगे बताया कि इन युवाओं की सफलता की कहानियां—कहीं मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर की शुरुआत, कहीं ब्यूटी पार्लर, डिजिटल स्टूडियो, होटल में रोजगार या खुद की कैफे चेन का संचालन—आम बेरोजगारों के लिए प्रेरणा बनेंगी।मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि इन 11 वक्ताओं का चयन पिछले तीन वर्षों में मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर सेवायोजित हजारों युवाओं में से किया गया है। ये युवा चौपाल में अपने जीवन की यात्रा, संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य कौशल आधारित सफलता की सामाजिक स्वीकार्यता को बढ़ाना और युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूती देना है।कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी युवा न केवल कौशल के महत्व को समझेंगे, बल्कि यह जान पाएंगे कि कैसे प्रशिक्षण लेकर वे भी आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। आयोजन के ज़रिये सरकार यह संदेश भी दे रही है कि बेरोजगारी का समाधान नौकरी ढूंढने में नहीं, बल्कि अपने भीतर की क्षमता और कौशल को पहचानने में है।युवा कौशल चौपाल’ के माध्यम से लखनऊ एक नई शुरुआत का गवाह बनेगा—जहां नायक वे होंगे, जो कभी संघर्ष कर रहे थे और आज दूसरों की जिंदगी बदल रहे हैं।
