
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, दुष्प्रचार से छवि धूमिल करने की कोशिश निंदनीय
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, दुष्प्रचार से छवि धूमिल करने की कोशिश निंदनीय
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की कार्यशैली और नेतृत्व में प्रदेश में नगर व्यवस्था और विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बदलाव देखा जा रहा है। स्वच्छ और व्यवस्थित शहरी जीवन से लेकर निर्बाध बिजली आपूर्ति तक, दोनों ही विभागों में सुधार की स्पष्ट तस्वीर ज़मीन पर दिख रही है। इसके बावजूद कुछ तत्वों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जानबूझकर भ्रम फैलाने और उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिसे तथ्यों और वास्तविकता के धरातल पर निराधार और राजनीतिक प्रेरित कहा जा सकता है।हाल ही में सुल्तानपुर जिले की विद्युत आपूर्ति को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई गई जानकारी का एकतरफा और भ्रामक रूप से प्रस्तुत किया जाना भी इसी श्रृंखला का हिस्सा बताया जा रहा है। जबकि वास्तविकता यह है कि विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधियों तक ने यह स्वीकार किया है कि सुल्तानपुर सहित अन्य जिलों में विद्युत आपूर्ति में बीते वर्षों की तुलना में भारी सुधार हुआ है।मंत्री ए.के. शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में 50 वर्ष पुरानी विद्युत व्यवस्था को मजबूत आधार पर पुनर्गठित किया गया है। जर्जर तारों और खंभों की जगह नई लाइनें और मजबूत ढांचे लगाए जा रहे हैं, जिससे बाधित आपूर्ति की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई है। नए उपकेंद्रों, फीडरों और वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना से गांव-गांव तक बिजली पहुँची है। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई में मदद मिली है बल्कि लोग अपने ही गांव में स्वरोजगार करने में सक्षम हुए हैं।किसानों के लिए भी बिजली की सुलभता एक बड़ा वरदान साबित हो रही है। सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलने से डीजल की लागत में बचत हुई है और पैदावार भी बढ़ी है। वहीं, नई तकनीकी व्यवस्थाएं, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जनसुनवाई पोर्टल के ज़रिए उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।प्रदेश अब विद्युत आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। नए तापीय विद्युत संयंत्रों की स्थापना से बिजली उत्पादन में वृद्धि हो रही है। विगत तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र और गुजरात जैसे बिजली समृद्ध राज्यों की तुलना में 5000 से 8000 मेगावाट अधिक बिजली की आपूर्ति दर्ज की है, जो प्रदेश की क्षमता और बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है।मंत्री एके शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी को लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना निश्चित ही एक बड़ी चुनौती है, जिसे तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक सजगता से प्रभावी रूप से पूरा किया जा रहा है। भविष्य में 24 घंटे निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति का सपना भी अब दूर नहीं लगता।वहीं, राज्यवासियों से यह भी अपील की गई है कि प्राकृतिक आपदाओं या आकस्मिक घटनाओं की स्थिति में धैर्य और सहयोग का परिचय दें, जिससे विभागीय कर्मी बेहतर ढंग से आपूर्ति बहाल कर सकें और उनका मनोबल भी बना रहे। यह सहभागिता प्रदेश को समृद्ध, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।
