
प्रदेश सरकार के 27,000 सरकारी स्कूल बंद करने और 27,308 शराब की दुकानें खोलने के फैसले के खिलाफ आप सांसद संजय सिंह का विरोध प्रदर्शन
प्रदेश सरकार के 27,000 सरकारी स्कूल बंद करने और 27,308 शराब की दुकानें खोलने के फैसले के खिलाफ आप सांसद संजय सिंह का विरोध प्रदर्शन
अमरौहा,लखनऊ: और संभल जनपद में आप यूपी प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रदेश सरकार की शिक्षा और समाज विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। प्रदेश सरकार द्वारा 27,000 सरकारी स्कूल बंद करने तथा 27,308 शराब की दुकानें खोलने के फैसले के विरोध में उन्होंने आप पार्टी की स्कूल बचाओ मुहिम के तहत प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदपुर हुमायूंपुर से लेकर प्राथमिक विद्यालय रजबपुर विकास खण्ड जोया तक बच्चों और अभिभावकों के साथ पैदल मार्च किया।संजय सिंह ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत हर बच्चे का अधिकार है कि उसके नजदीक एक स्कूल हो जिसमें उसे सभी मूलभूत सुविधाएं मिलें, लेकिन योगी सरकार ने न केवल इस संवैधानिक अधिकार की उपेक्षा की है, बल्कि बच्चों को उनके स्कूलों से दूर कर अनपढ़ बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नेता, जज और आईएएस अधिकारी अपने बच्चों को विदेशों में शिक्षा दिला रहे हैं, तो देश के गरीब, दलित और वंचित बच्चों के स्कूल क्यों बंद किए जा रहे हैं? क्या वे अधिकारी और नेता अपने बच्चों को इतनी दूर पैदल स्कूल भेजेंगे?एक अभिभावक ने अपने कष्टों का बखान करते हुए बताया कि वे बड़ी मेहनत से अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं ताकि वे पढ़-लिखकर आगे बढ़ सकें, लेकिन स्कूलों की दूरी इतनी बढ़ा दी गई है कि अब यह संभव नहीं रह गया। संजय सिंह ने कहा कि सरकार बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की नीति पर काम कर रही है।सांसद संजय सिंह ने प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर लगभग 1.93 लाख शिक्षक, माध्यमिक स्तर पर 3,872 और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर 8,714 शिक्षक पद खाली होने का आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि सरकार शिक्षक भर्ती के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उनका कहना था कि यह सरकार गरीब, दलित और वंचित समाज के बच्चों को शिक्षा से दूर रखना चाहती है।उन्होंने कहा कि योगी सरकार का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। स्कूलों का मर्ज होना या खस्ताहाल स्थिति में छोड़ देना इस सरकार की नियति है। आप पार्टी ने पूरे प्रदेश में ‘स्कूल बचाओ आंदोलन’ शुरू किया है और ‘मधुशाला नहीं पाठशाला चाहिए’ के नारे के साथ यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक हर बच्चे को शिक्षक, स्कूल और शिक्षा का अधिकार नहीं मिल जाता।संजय सिंह ने इस फैसले को संविधान और कमजोर वर्गों के अधिकारों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे और सड़क पर जनता के साथ मिलकर संघर्ष करेंगे ताकि बच्चों के स्कूल बचाए जा सकें और शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित हो सके।
