
भूजल सप्ताह बना जल संरक्षण का जन आंदोलन, जीवनशैली में लाने का आह्वान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि भूजल सप्ताह कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती की प्यास बुझाने का एक संकल्प है, एक जन जागरण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस अभियान को केवल एक सप्ताह तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित भूजल सप्ताह-2025 के राज्य स्तरीय समापन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि जब हम सब मिलकर जल बचाने लगेंगे, तभी स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित भारत का निर्माण होगा।उन्होंने कहा कि जल हमारे ग्रह का जीवन रक्त है, जो जीवन को बनाए रखता है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका बहुआयामी है और इसका संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुका है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम-2019 लागू किया है, जिसके तहत सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी और शैक्षणिक भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया गया है।जलशक्ति मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूजल के गिरते स्तर को देखते हुए सरकार ने अटल भूजल योजना को शेष जनपदों में भी लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण अब केवल जरूरत नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी बन गया है, और इसमें युवाओं की भागीदारी सबसे अहम है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2047 में भारत कैसा होगा, यह उनकी सोच और आदतों पर निर्भर करेगा। उनका एक कदम भारत को जल संकट से बचा सकता है।
समारोह में उपस्थित अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग व महानिदेशक, उपाम ने जल को प्रकृति का अनुपम उपहार बताते हुए इसके संरक्षण में जनसहभागिता को जरूरी बताया। उन्होंने जल की हर बूंद के संरक्षण, कृषि, उद्योग और दैनिक उपयोग में जल के इष्टतम प्रयोग का आह्वान किया ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी भूजल उपलब्ध रह सके।अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने बताया कि सरकार की प्राथमिकताओं में भूजल संरक्षण शामिल है। इसके लिए विभिन्न कार्यदायी विभाग सतत प्रयास कर रहे हैं। स्कूल-कॉलेजों को भी इसमें वृहद स्तर पर जोड़ा गया है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग, फसल विविधीकरण, खेत तालाब निर्माण, सूक्ष्म सिंचाई, मल्चिंग, धान की सीधी बुआई और मृदा संरक्षण जैसे कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।समारोह में भूगर्भ जल विभाग के निदेशक सुनील कुमार वर्मा ने राज्य और जनपद स्तर पर आयोजित विविध कार्यक्रमों की जानकारी दी। इनमें क्लाइमेट पर चर्चा, चित्रकला प्रतियोगिता, जल जागरूकता कार्यशालाएं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मीट और स्कूल आउटरीच कार्यक्रम शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने जल संरक्षण को जनमानस से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।
