
झारखंड ; अलग झारखंड के लिए आंदोलन करने वाले सबसे बड़े नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन नहीं रहे. 4 अगस्त 2025 को उन्होंने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली. उनके निधन से पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गयी है. राज्य में 3 दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया गया है. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर देशभर के नेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. राज्यसभा में उनके कार्यों को याद करते हुए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया. झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में शिबू सोरेन अमर रहे के नारों से विधानसभा गूंज उठी. इसके बाद झारखंड विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी. शिबू सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सर गंगाराम अस्पताल गये और दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि दी. शिबू सोरेन के निधन के बाद उनसे जुड़े हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद साहिबगंज जिले के बरहेट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पतना प्रखंड की धर्मपुर स्थित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर सन्नाटा पसरा है. चारों ओर शोक की लहर है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह बीजेपी नेता अर्जुन मुंडा ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर शोक जताया है.
उन्होंने कहा कि गुरुजी के निधन की खबर सुनकर मर्माहत हूं. हमारा रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक और आत्मीय था. उनका जाना न केवल मेरे लिए, बल्कि झारखंड की राजनीति और सामाजिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही शिबू सोरेन अमर रहे के नारे लगे. सबसे पहले विधायक प्रदीप यादव ने शिबू सोरेन अमर रहे के नारे लगाये. इसके बाद सत्तापक्ष के अलावे कई विधायकों ने अपने सीट से खड़े होकर शिबू सोरेन अमर रहे के नारे लगाये.