
रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिली फ्री बस यात्रा की सौगात, परिवहन निगम ने बनाया रिकॉर्ड
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने विगत वर्षों की भांति इस बार भी रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई। इस वर्ष यह सुविधा रिकॉर्ड 66 घंटे तक दी गई, जिसमें महिलाओं के साथ एक सहयात्री को भी मुफ्त यात्रा करने का अवसर मिला। प्रदेश सरकार की यह पहल महिलाओं, बहनों और बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक अत्यंत सराहनीय कदम साबित हुई।उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने इस अवसर पर कीर्तिमान स्थापित करते हुए बताया कि निगम की बसों से इस बार लगभग 63 लाख महिलाओं और 15 लाख सहयात्रियों ने मुफ्त यात्रा की। निगम ने लाखों बहनों को उनके भाइयों और परिवार तक सुरक्षित पहुंचाने का दायित्व बखूबी निभाया और रक्षाबंधन के इस पावन पर्व को सफल बनाने में अपनी पूरी भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर परिवहन निगम की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम न केवल महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को नई दिशा देता है बल्कि समाज में सरकार की जनहितकारी सोच का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण की प्रशंसा की, जिन्होंने पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ रक्षाबंधन पर बसों का संचालन किया।रक्षाबंधन पर्व के दौरान परिवहन निगम ने प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों में कुल 11,813 बसों का संचालन किया। निगम ने बड़ी संख्या में बसों की उपलब्धता सुनिश्चित कर महिलाओं और उनके परिजनों को निर्बाध यात्रा की सुविधा दी। इस व्यापक प्रबंधन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी बहन अपने भाइयों तक राखी बांधने से वंचित न रहे।गौरतलब है कि वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पहली बार रक्षाबंधन पर महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई थी। 24 घंटे तक लागू इस सुविधा की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना। तब से अब तक यह परंपरा लगातार जारी है और समय के साथ इसमें विस्तार भी किया गया है। यही कारण है कि पिछले नौ वर्षों में इस सुविधा का लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती रही है।वर्ष 2017 में 11 लाख 16 हजार से अधिक महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया था। वर्ष 2018 में यह संख्या बढ़कर 11 लाख 69 हजार से अधिक हो गई। वर्ष 2019 में 12 लाख से अधिक महिलाओं ने इसका लाभ लिया। कोविड काल के कारण 2020 और 2021 में संख्या कुछ घटी लेकिन इसके बावजूद क्रमशः 7 लाख 36 हजार और 9 लाख 63 हजार से अधिक महिलाओं ने मुफ्त बस सेवा का उपयोग किया। वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 22 लाख से अधिक पर पहुंचा, जबकि 2023 में लगभग 29 लाख महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की। 2024 में करीब 19 लाख 78 हजार महिलाओं ने इसका लाभ उठाया और इस वर्ष 2025 में तो रिकॉर्ड 63 लाख महिलाओं और 15 लाख सहयात्रियों ने इस योजना से लाभान्वित होकर नया इतिहास रच दिया।रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा की यह पहल न सिर्फ महिलाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि प्रदेश सरकार हर वर्ग तक त्योहारों की खुशियां सहज और सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है।
