
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवहन सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में नई पहल का किया शुभारम्भ
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का विस्तार और गुणवत्ता बढ़ाना समय की मांग है। शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्होंने परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की विभिन्न योजनाओं का शुभारम्भ, लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विशाल आबादी को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में सबसे अधिक 14,000 बसों के साथ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परिवहन सेवा में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज, गांव, शहर या राज्य समय की गति से पीछे नहीं रहना चाहिए। प्रगति के लिए जरूरी है कि परिवहन सेवाओं को आधुनिक बनाया जाए और जनसुविधाएं बढ़ाई जाएं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश बनाना अनिवार्य है और इसके लिए विभागीय योजनाओं को शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म दृष्टि से लागू करना होगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 1.5 लाख जन सेवा केन्द्रों के माध्यम से परिवहन सेवाओं का शुभारम्भ किया। साथ ही पीपीपी मॉडल के तहत सात बस स्टेशनों और अनुदान आधारित 25 बस स्टेशनों का डिजिटल लोकार्पण/शिलान्यास किया। एक्रीडिटेड ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी, ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन, तथा जन सुविधा केंद्र के प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र दिए गए। महिला परिचालकों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए।
डिजिटल बस ट्रैकिंग ऐप ‘यूपी मार्गदर्शी’ और सरल परिवहन हेल्पलाइन ‘149’ का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री ने इन्टरनेशनल ड्राइविंग परमिट की नई बुकलेट और स्मारिका का विमोचन किया। डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस, इलेक्ट्रिक व सीएनजी बस समेत नई 400 बीएस-6 बसों और 70 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।आईआईटी खड़गपुर और परिवहन विभाग के बीच तथा परिवहन विभाग और सीएससी के बीच एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश परिवहन अधिकारी कल्याण संघ और पीपीपी मोड पर चयनित बस अड्डों के विकासकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया। प्रयागराज महाकुंभ-2025 तथा परिवहन निगम की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग ने कोरोना महामारी के दौरान एक करोड़ से अधिक कामगारों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्रयागराज महाकुंभ में भी विभाग ने श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने इसे संकट के समय सहयोगी विभाग बताया और कहा कि समय-समय पर सरकार ने परिवहन निगम के पुनर्विकास हेतु सहायता दी है।सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक, मेडिकल फिटनेस की जांच, हेलमेट और सीट बेल्ट उपयोग जैसे उपायों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री द्वारा घोषित नेट जीरो एमिशन लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बेहतर यात्रा अनुभव भी प्रदान करेंगी।परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में परिवहन विभाग ने ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने डेढ़ लाख सीएससी से परिवहन सेवाओं को जोड़ा है।इस कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जयदेवी, मुकेश शर्मा, रामचन्द्र प्रधान, योगेश शुक्ल, प्रमुख सचिव परिवहन अमित गुप्ता, परिवहन आयुक्त बीएन सिंह, यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवहन विभाग को आधुनिक तकनीक, जन-सुविधा और सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यही प्रयास उत्तर प्रदेश को विकसित भारत की दिशा में अग्रसर करेगा।
