
तीन फर्जी फर्मों ने 1.20 अरब का कारोबार दिखाकर 16 करोड़ की टैक्स चोरी की।
Lucknow News: इन्दिरा नगर के वसुंधरा एन्क्लेव पते पर तीन फर्जी फर्मों ने करीब 1.20 अरब रुपये का कारोबार दिखाया। जिस पर 16 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की। जब राज्यकर के अधिकारियों ने फर्म की जांच की तो सामने आया कि अस्तित्व में ही नहीं है।

इन तीनों के खिलाफ राज्यकर सहायक आयुक्त गौरव सिंह राजपूत ने इंदिरानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। फर्जी फर्मों के नाम देव ट्रेडिंग, गंगोत्री इंटरप्राइजेज और आराध्या इंटरप्राइजेज है। इंदिरानगर स्थित वंसुधरा अपार्टमेंट 19 ए/5 के पते वंदना त्रिपाठी ने देव ट्रेडिंग नाम से फर्म का पंजीकरण कराया। फर्म के मालिक विवेक त्रिपाठी हैं। फर्म का स्थायी पता मध्य प्रदेश के रीवा स्थित बरसैता है।
फर्म ने 2024-25 में 8.80 करोड़ और 2025-26 में 2.63 करोड़ कारोबार किया। इस तरह दो वर्ष में कुल 11.44 करोड़ रुपये कारोबार किया। फर्म ने 2024-25 में 1.58 करोड़ रुपये और 2025-26 में 47.44 लाख रुपये टैक्स चोरी की। दो वर्ष में 2.05 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की। वहीं इसी पते पर पंजीकृत अमित अजीत मौरे की गंगोत्री इंटरप्राइजेज ने 2024-25 में 5.55 करोड़ रुपये और 2025-26 में 2.80 करोड़ रुपये का कारोबार किया। फर्म ने 2024-25 में 7.55 करोड़ रुपये और 2025-26 में 3.98 करोड़ रुपये टैक्स चोरी की। नवीन चंद्र केशव लाल सोलंकी ने भी इसी पते पर आराध्या इंटरप्राइजेज का पंजीकरण कराया। इस पंजीकरण के आधार पर फर्म ने 2024-25 में जिस कारोबार पर टैक्स वैल्यू दिखाई वह 37.98 करोड़ रुपये है। वहीं इस पर जीएसटी 20.50 लाख रुपये दिखाई। इसमें एसजीएसटी 10.25 लाख रुपये और सीजीएसटी 10.25 लाख रुपये है। जबकि कर विभाग की तरफ इनवाइस वैल्यू की जांच की गई तो वह 44.94 करोड़ रुपये पाया गया। वहीं, 2025-26 में टैक्स वैल्यू 9.51 करोड़ रुपये थी। जिसके बदले में एसजीएसटी 4.51 लाख और सीजीएसटी 4.51 लाख रुपये दिखाया। जबकि इनवाइस वैल्यू 44.94 करोड़ रुपये थी। फर्म के टैक्स की वैल्यू की गई तो 11.27 करोड़ रुपये था। जिसे फर्म ने जमा ही नहीं किया। राज्यकर सहायक आयुक्त गौरव सिंह राजपूत ने बताया कि इस मामले में तीनों फर्मों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर इंदिरानगर थाने में दर्ज कराई गई है। इंस्पेक्टर सुनील तिवारी के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।