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“यूपी सरकार का बड़ा फैसला–एडमिशन के साथ ही पैसा।”

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“यूपी सरकार का बड़ा फैसला – एडमिशन के साथ ही पैसा।”

Uttar Pradesh News:उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब यूपी में एडमिशन लेते ही छात्रों को स्कॉलरशिप मिलना शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार ने हाल ही में एक नई योजना की घोषणा की है,

जिसके तहत अब छात्रों को स्कॉलरशिप के लिए महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले जहां स्कॉलरशिप की प्रक्रिया में कई बार तकनीकी गड़बड़ियां, दस्तावेज़ों की कमी और कॉलेज स्तर पर देरी के चलते छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बना दिया गया है।

सरकार की इस नई व्यवस्था के अनुसार, जैसे ही छात्र का एडमिशन किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में होता है और उसकी जानकारी स्कॉलरशिप पोर्टल पर अपडेट की जाती है, उसी समय से स्कॉलरशिप की प्रोसेसिंग अपने आप शुरू हो जाएगी।

इस प्रक्रिया में छात्रों को अब अलग से फॉर्म भरने या लंबी लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्कॉलरशिप की राशि सीधा छात्र के बैंक खाते में भेजी जाएगी और सारी जानकारी ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।

 

लखनऊ के एक सरकारी कॉलेज में जब छात्रों से बात की गई तो उन्होंने इस योजना का स्वागत किया। एक छात्रा ने कहा कि पहले उन्हें स्कॉलरशिप के लिए पूरे सेमेस्टर तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे पढ़ाई में काफी दिक्कत होती थी, लेकिन अब अगर एडमिशन लेते ही स्कॉलरशिप मिल जाएगी, तो यह बहुत बड़ी राहत होगी। वहीं एक अन्य छात्र ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह पैसा बहुत मायने रखता है और इससे उन्हें पढ़ाई के दौरान आर्थिक बोझ कम महसूस होगा।

 

यह योजना विशेष रूप से उन छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। स्कॉलरशिप मिलने से न सिर्फ उन्हें पढ़ाई में मदद मिलेगी, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। इसके अलावा, इस योजना से कॉलेजों की जवाबदेही भी तय होगी और किसी भी स्तर पर धांधली की संभावना बेहद कम हो जाएगी। सभी दस्तावेज अब ऑनलाइन वेरिफाई होंगे और छात्रों को सिर्फ एक बार पोर्टल पर अपनी जानकारी भरनी होगी। इसके बाद प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमैटिक होगी।

 

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल स्कॉलरशिप सिस्टम से पारदर्शिता तो बढ़ेगी ही, साथ ही छात्रों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। इससे छात्रों का ड्रॉपआउट रेट भी कम होने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें शिक्षा के बीच में पैसे की दिक्कत से जूझना नहीं पड़ेगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक स्कॉलरशिप सिस्टम में कई स्तरों पर समस्याएं सामने आती रही हैं, जिन्हें इस नई व्यवस्था से सुलझाने की कोशिश की जा रही है।

 

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य किसी भी योग्य छात्र को पैसों की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित नहीं होने देना है। स्कॉलरशिप की राशि समय पर और बिना किसी बाधा के छात्रों तक पहुंचाना इस योजना की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली से न सिर्फ भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि छात्रों को अपनी मेहनत का सही फल भी मिलेगा।

 

तो कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब यह देखना होगा कि यह योजना ज़मीनी स्तर पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू होती है और क्या छात्रों को वाकई समय पर स्कॉलरशिप मिलती है या नहीं। हमारी नज़र इस पूरे सिस्टम पर बनी रहेगी, और हम आपको इसके हर अपडेट से समय-समय पर अवगत कराते रहेंगे।

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