
कनाडा के टोरंटो शहर से आई पूरे देश को झकझोर देने वाली खबर है
New Delhi News: कनाडा के टोरंटो शहर से आई यह खबर न सिर्फ एक परिवार, बल्कि पूरे देश को झकझोर देने वाली है, जहां 20 साल के भारतीय छात्र शिवांक अवस्थी को गोली मार दी गई और हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार घटना की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। शिवांक अवस्थी टोरंटो में पीएचडी की पढ़ाई कर रहे थे और अपने उज्ज्वल भविष्य को लेकर बड़े सपने देख रहे थे।
वे उन हजारों भारतीय छात्रों में से एक थे, जो बेहतर शिक्षा, सुरक्षित भविष्य और परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए विदेश गए थे। बताया जा रहा है कि शिवांक पढ़ाई में बेहद होनहार थे और अपने शोध कार्य को लेकर काफी गंभीर थे। इस दर्दनाक घटना के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं भारत और कनाडा में रह रहे भारतीय समुदाय में गहरा शोक और आक्रोश देखने को मिल रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर विदेशों में पढ़ने और काम करने वाले भारतीय छात्रों की सुरक्षा कितनी मजबूत है।
हाल के वर्षों में कनाडा समेत कई देशों से भारतीय छात्रों पर हमले, लूट और हिंसा की खबरें लगातार सामने आती रही हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है। शिवांक का सपना था कि वे अपनी पीएचडी पूरी कर देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करें, लेकिन एक हिंसक घटना ने उनके सभी सपनों को अधूरा छोड़ दिया। इस मामले में भारतीय दूतावास ने भी संज्ञान लिया है और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहकर परिवार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। वहीं पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हमला आपसी रंजिश का मामला था या किसी अन्य कारण से अंजाम दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विदेशों में पढ़ने वाले भारतीय छात्र वास्तव में सुरक्षित हैं और क्या उनकी सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। आज शिवांक अवस्थी का नाम सिर्फ एक खबर नहीं है, बल्कि वह उन अधूरे सपनों की पहचान बन गया है, जो बेहतर भविष्य की तलाश में देश से बाहर जाने वाले युवाओं के दिलों में बसते हैं। यह घटना सरकारों, विश्वविद्यालयों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे सपने यूं ही हिंसा की भेंट चढ़ते रहेंगे और परिवारों का भरोसा टूटता चला जाएगा।