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बिजली संकट पर अखिलेश यादव का हमला, बोले – भाजपा बेचने में व्यस्त, उत्पादन में नहीं

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बिजली संकट पर अखिलेश यादव का हमला, बोले – भाजपा बेचने में व्यस्त, उत्पादन में नहीं

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में बिजली संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब बिजली विभाग को निजी हाथों में बेचने की तैयारी कर रही है, जिससे आम जनता को भारी भरकम बिजली बिलों का सामना करना पड़ेगा।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा शासन में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। न तो बिजली उत्पादन बढ़ा है और न ही वितरण व्यवस्था में कोई सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब जनता बिजली संकट पर सवाल करती है तो भाजपा नेताओं के पास कोई जवाब नहीं होता और खुद “बत्ती गुल” हो जाती है।पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में एक भी यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ाया, बल्कि लगातार बिल ही बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि इस समय जब धान की रोपाई का सीजन है, किसानों को बिजली नहीं मिल रही है। गांवों और छोटे शहरों में बिजली की हालत बदतर है और लोग बेहाल हैं।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर बिजली व्यवस्था को बिगाड़ रही है ताकि निजीकरण को जायज़ ठहराया जा सके। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही सार्वजनिक सेवाओं को बेचने पर आमादा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने बिजली विभाग को अपने करीबी उद्योगपतियों को सौंपने के इरादे से ही ऐसा मंत्री नियुक्त किया है जो विभाग को आसान रास्ते से निजी हाथों में पहुंचा सके।समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आज जो थोड़ी-बहुत बिजली प्रदेश की जनता को मिल रही है, वह समाजवादी सरकार के दौरान शुरू किए गए पावर प्लांट्स की बदौलत है। एटा, कानपुर देहात, ललितपुर और पनकी जैसे जिलों में समाजवादी सरकार ने बिजली उत्पादन के लिए ठोस आधार तैयार किया था, लेकिन भाजपा ने आगे कुछ नहीं किया।उन्होंने कहा कि सरकार अब कर्मचारियों को बदनाम कर निजीकरण की ज़मीन तैयार कर रही है। यह न केवल रोजगार खत्म करने की साजिश है बल्कि आरक्षण को समाप्त करने का भी रास्ता है।अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी सरकारी विभागों के निजीकरण के खिलाफ है और प्रदेश की जनता अब भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को समझ चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता और कर्मचारी भाजपा की “अन्यायी” सरकार का अंत कर देंगे।

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