
भाजपा पर बरसे अखिलेश यादव, कहा- 2027 में सत्ता से ऐसा हटेगी भाजपा कि अता-पता नहीं चलेगा
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा देश में नफरत फैला रही है, कारोबार को रोक रही है, महंगाई और बेरोजगारी को बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा स्वतंत्र संस्थाओं को अपने नियंत्रण में करना चाहती है और उन्हें बर्बाद कर रही है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता से इस तरह बाहर होगी कि उसका कहीं अता-पता नहीं चलेगा।समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में समाजवादी अल्पसंख्यक सभा की राष्ट्रीय और प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। सोने की कीमत एक लाख रुपये पार कर चुकी है, ऐसे में गरीब आदमी अपनी बेटी की शादी भी नहीं कर सकता। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही भाजपा का ‘विकसित भारत’ है? क्या यही ‘सबका साथ, सबका विकास’ है?प्रयागराज महाकुंभ हादसे को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे में श्रद्धालुओं की मौत की सही संख्या छिपाई गई और मृतकों के परिजनों को मुआवजा न देना पड़े, इसलिए आंकड़ा सिर्फ 37 बताया गया। लेकिन जब एक प्रतिष्ठित समाचार संस्था ने सच्चाई उजागर की तो सरकार की पोल खुल गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई नहीं मरा तो सरकार ने किस आदेश के तहत परिजनों को पैसे दिए? और जिन्होंने पैसे नहीं लिए, उनका हक किसने हड़प लिया?उन्होंने कहा कि जो सरकार कुंभ जैसे धार्मिक आयोजन में झूठ बोल सकती है, उस पर जनगणना और वोटर लिस्ट जैसे संवेदनशील मामलों में भरोसा नहीं किया जा सकता। जातीय जनगणना के आंकड़ों में हेराफेरी की आशंका जताते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सतर्क रहें और आंकड़ों पर विशेष ध्यान दें।बिजली और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने एक भी नया पावर प्लांट नहीं लगाया और न ही बिजली उत्पादन बढ़ाया। इसके विपरीत, समाजवादी सरकार के समय लगे पावर प्लांटों से ही आज बिजली बन रही है। अब भाजपा सरकार गांव और शहरों में बिजली दरें बढ़ाने जा रही है, जो उद्योगों और रोजगार पर विपरीत असर डालेगी।स्वास्थ्य व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने मेडिकल कॉलेजों का बुनियादी ढांचा तक विकसित नहीं किया। डॉक्टर, प्रोफेसर और तकनीकी स्टाफ की भारी कमी है। मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल रहा, और एमबीबीएस छात्रों को सुविधाओं का अभाव है। छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार ने उन्हें फेल न करने का निर्देश दे रखा है।अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के साथ आरक्षण और अन्य स्तरों पर हो रहे अन्याय को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार समाजवादी विधायकों और नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा रही है। प्रयागराज की पाल समाज की बेटी को न्याय नहीं मिला और सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री जातीय झगड़े करा रहे हैं।विदेश नीति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वे किसी भी युद्ध के पक्ष में नहीं हैं और केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि युद्धग्रस्त देशों में फंसे भारतीयों को शीघ्र भारत वापस लाया जाए।उन्होंने समाजवादी अल्पसंख्यक सभा की भूमिका को अहम बताते हुए सभी पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया और कहा कि सभी कार्यकर्ता वोटर लिस्ट सुधारें, गांव-गली में जाएं, जिनके वोट कटे हैं उन्हें जुड़वाएं और फर्जी वोटों पर आपत्ति दर्ज कराएं। यह चुनावी घपलों को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
