
“हकीम की आड़ में हथियारों की फैक्ट्री, पाकिस्तान और दुबई से थे कनेक्शन”
लखनऊ : लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मामूली हकीम के भेष में वर्षों से अवैध हथियारों की तस्करी का कारोबार चलाया जा रहा था। मलिहाबाद इलाके में रहने वाला 68 वर्षीय सलाउद्दीन उर्फ लाला पेशे से यूनानी हकीम है, लेकिन उसके क्लिनिक की गतिविधियाँ सीमित थीं। वह महीने में मुश्किल से दो-तीन बार ही क्लिनिक खोलता था। उसकी पत्नी एक स्थानीय निजी स्कूल में अध्यापिका है और उसकी बेटी नॉर्वे में पढ़ाई कर रही है। परिवार की आमदनी बेहद सामान्य दिखने के बावजूद उनका रहन-सहन, बैंक बैलेंस और सम्पत्ति पुलिस के लिए संदेह का विषय बना।
हाल ही में यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सलाउद्दीन के पुराने सिनेमा हॉल के पास स्थित एक परिसर से भारी मात्रा में अवैध असलहा बरामद किया गया। बरामद सामग्री में कई देसी-विदेशी पिस्टल, एयरगन, राइफलें और हजारों की संख्या में कारतूस शामिल हैं। जांच के दौरान पुलिस को सलाउद्दीन के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ से पाकिस्तान, पीओके और दुबई से जुड़े कॉल डिटेल्स प्राप्त हुए हैं। इससे यह संदेह और गहरा हुआ है कि वह किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के लिए कार्य कर रहा था।
सलाउद्दीन के संबंध पाकिस्तान में रहने वाले रिश्तेदारों से भी निकले हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि उसकी एक भतीजी ने पाकिस्तान के नागरिक से विवाह किया है और परिवार के अन्य सदस्य भी वहां रहते हैं। दुबई से आए कुछ कॉल्स में असलहों के ऑर्डर और पेमेंट की बात सामने आई है। यह भी पता चला है कि विदेश में रह रही उसकी बेटी की पढ़ाई और जीवनशैली का खर्च भारत में घोषित स्रोतों से मेल नहीं खाता।
जांच के दौरान पुलिस को हिरण की खाल भी मिली है, जिससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि आरोपी वन्यजीव तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है। फिलहाल पुलिस उसकी सभी सम्पत्तियों, बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियाँ भी इस केस में सक्रिय हैं और इसकी कड़ियाँ आतंकवादी नेटवर्क से जुड़ती हैं या नहीं, इसकी पुष्टि की जा रही है।
सलाउद्दीन के खिलाफ अब तक दर्ज धाराओं में आर्म्स एक्ट, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, और विदेशी संपर्कों से जुड़ी गंभीर धाराएँ जोड़ी जा रही हैं। उसका रिमांड लिया गया है और पूछताछ जारी है। यह मामला लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा अलर्ट है।
