
बीबीएयू में संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर ‘संविधान और समकालीन चुनौतियाँ’ विषयक छात्र संगोष्ठी का प्रथम चरण सम्पन्न
बीबीएयू में संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर ‘संविधान और समकालीन चुनौतियाँ’ विषयक छात्र संगोष्ठी का प्रथम चरण सम्पन्न
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के विधि विभाग में सोमवार को भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘संविधान और समकालीन चुनौतियाँ’ विषय पर छात्र संगोष्ठी के प्रथम चरण का आयोजन किया गया। यह आयोजन विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुदर्शन वर्मा के दिशानिर्देशन में सम्पन्न हुआ।संगोष्ठी के प्रथम चरण के तहत लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की संवैधानिक प्रावधानों, सिद्धांतों तथा समसामयिक संवैधानिक मुद्दों के प्रति समझ का आकलन करना था।विभाग के शिक्षकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में संवैधानिक साक्षरता को बढ़ावा देना, विश्लेषणात्मक सोच विकसित करना और संविधान की मूल भावना के प्रति अकादमिक अभिरुचि को प्रोत्साहित करना है। इस पहल के माध्यम से छात्रों को न केवल संविधान के सैद्धांतिक पक्षों को समझने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की व्यावहारिक व्याख्या करने में भी सक्षम होंगे।कार्यक्रम के प्रथम चरण के पश्चात चयनित प्रतिभागी द्वितीय चरण में भाग लेंगे, जिसका आयोजन 26 नवम्बर 2025 को किया जाएगा। इस चरण में छात्र TEDx शैली में संवैधानिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। इस प्रयास का उद्देश्य विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति, विश्लेषण और प्रस्तुतीकरण कौशल को विकसित करना है, जिससे वे संविधान के आदर्शों को समाज के साथ जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
