
अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान: सरकार बनने पर गोमती रिवरफ्रंट पर लगेगी भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति, होगा राजकीय अवकाश
अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान: सरकार बनने पर गोमती रिवरफ्रंट पर लगेगी भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति, होगा राजकीय अवकाश
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा समाज को बड़ा भरोसा दिलाते हुए ऐलान किया है कि अगर 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो गोमती रिवरफ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित की जाएगी, जिसका सिंहासन सोने का होगा। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा।यह घोषणा सोमवार को समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित विश्वकर्मा समाज की एक बैठक के दौरान की गई। कार्यक्रम की शुरुआत में अखिलेश यादव ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और आरती भी की।अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा समाज को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का रचयिता और वास्तुकार माना जाता है। उन्होंने कहा कि कुम्हार, बढ़ई, कसेरा और शिल्पकार जैसे सभी हुनरमंद लोग ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज का हिस्सा हैं और यही समाज भाजपा को सत्ता से हटाने की ताकत रखता है।उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस शासन में विश्वकर्मा समाज नौकरी, रोजगार और शिक्षा के मामलों में पूरी तरह उपेक्षित है और उनके साथ दोहरा बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि समाजवादी सरकार में नेताजी मुलायम सिंह यादव ने 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती पर अवकाश घोषित किया था, जिसे भाजपा सरकार ने रद्द कर दिया है।कार्यक्रम के संयोजक और पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज हुनरमंद और कुशल कारीगर है, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें प्रोत्साहित नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में विश्वकर्मा समाज की जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं और उनकी बहू-बेटियों के साथ अन्याय व अत्याचार हो रहा है, लेकिन न्याय नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि केवल अखिलेश यादव ही हैं जो इस समाज के साथ खड़े हैं और उनकी सरकार में ही यह समाज सुरक्षित रहेगा।बैठक के दौरान पीलीभीत के सरदार बाबा महबा सिंह और उनके साथियों ने अखिलेश यादव को सरोपा और तलवार भेंट की। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अच्छे लाल विश्वकर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष रामऔतार विश्वकर्मा सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
