
भा.ज.पा. का विरोध: समाजवादी पार्टी के पोस्टर में बाबा साहब का अपमान
लखनऊ: समाजवादी पार्टी द्वारा अपने पोस्टर और होर्डिंग्स में बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की तस्वीर के आधे हिस्से को हटा कर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का चेहरा जोड़ने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के कार्यकर्ताओं ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। लखनऊ में अटल चौक और हजरतगंज स्थित बाबा साहब की प्रतिमा के समक्ष भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।इस प्रदर्शन में भाजपा के वरिष्ठ नेता, जिनमें राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, प्रदेश महामंत्री गोविन्द नारायण शुक्ला, राज्यसभा सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य लाल जी निर्मल, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, जिला अध्यक्ष विजय मौर्या सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे।भा.ज.पा. के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने समानता और शिक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने पोस्टर में उनकी तस्वीर के स्थान पर अपनी तस्वीर जोड़कर उनका अपमान किया है।चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि सपा के शासन में बाबा साहब के नाम से बने संस्थानों से उनका नाम हटा दिया गया था, और आजम खां ने सार्वजनिक रूप से बाबा साहब को भू-माफिया कहा था, लेकिन अखिलेश यादव ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सपा ने कभी किसी दलित नेता को मुख्यमंत्री बनाया या संगठन में शीर्ष पद पर बैठाया?राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि सपा का इतिहास दलितों के विश्वासघात से भरा है और अब बाबा साहब की छवि से दलितों को धोखा देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सपा की राजनीति मुस्लिम तुष्टीकरण और जातिवाद पर आधारित है, जिसे जनता अब समझ चुकी है।अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र कन्नौजिया ने कहा कि अखिलेश यादव अब केवल प्रतीकों की शरण में हैं क्योंकि उनके पास दलितों के लिए कोई नीति नहीं है।राज्यसभा सांसद बृजलाल ने कहा कि अखिलेश यादव की प्राथमिकता मुस्लिम वोट बैंक और अपने परिवार की विरासत को बचाने तक सीमित है, जबकि दलित समाज उनकी इस मानसिकता को समझ चुका है।विधान परिषद सदस्य लालजी निर्मल ने सपा प्रमुख से बाबा साहब के अपमान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।भा.ज.पा. कार्यकर्ताओं ने इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से समाजवादी पार्टी द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के अपमान की कड़ी निंदा की और इसे दलित समाज की भावनाओं के साथ एक निंदनीय खिलवाड़ करार दिया।
