
बिहार में इलेक्टोरल रोल संशोधन पर कांग्रेस का तीखा वार, अजय राय बोले – अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़ों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश
बिहार में इलेक्टोरल रोल संशोधन पर कांग्रेस का तीखा वार, अजय राय बोले – अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़ों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश
लखनऊ: बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व अचानक 24 जून 2025 को चुनाव आयोग द्वारा इलेक्टोरल रोल को लेकर “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” की घोषणा किए जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आनन-फानन में लिए गए इस निर्णय पर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने चुनाव आयोग की समयसीमा को लेकर संशय जताया है और रिवीजन के लिए मांगे जा रहे दस्तावेजों की वैधता पर भी गंभीर टिप्पणियां की हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने इस पूरे प्रकरण को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज की है।अजय राय ने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी प्रक्रिया दरअसल बिहार के अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़े वर्गों को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित करने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जून 2024 से जनवरी 2025 के बीच राज्य चुनाव आयोग द्वारा इलेक्टोरल रोल का स्पेशल समरी रिवीजन पहले ही संपन्न कर लिया गया था, तो फिर अब इस नए रिवीजन की क्या आवश्यकता पड़ी? क्या चुनाव आयोग को अपनी ही प्रक्रिया पर विश्वास नहीं है? या फिर जानबूझकर अल्पसमय में संशोधन कर जन प्रतिनिधित्व को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है?उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिस नीयत और समयसीमा में यह प्रक्रिया थोपने की कोशिश की जा रही है, उस पर गंभीर सवाल जरूर हैं। अजय राय ने 2003 का उदाहरण देते हुए कहा कि तब इस तरह की प्रक्रिया राष्ट्रीय चुनाव से एक वर्ष पूर्व और राज्य चुनाव से दो वर्ष पहले कराई गई थी, जबकि इस बार सिर्फ एक महीने का समय देकर यह कवायद की जा रही है, जो संदेह पैदा करती है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी बताया कि चुनाव आयोग जिन दस्तावेजों की मांग कर रहा है, वे ग्रामीण क्षेत्रों के आम नागरिकों के लिए बेहद कठिन हैं। आयोग स्वयं द्वारा जारी किए गए वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड और राशन कार्ड को स्वीकार नहीं कर रहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकार और आयोग ने एक खास वर्ग को मताधिकार से वंचित करने की मंशा बना ली है।अजय राय ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करके चुनाव दर चुनाव लोकतंत्र को कुचलने का षड्यंत्र कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव गणतंत्र का मूल आधार है, और किसी भी नागरिक को मत देने के अधिकार से वंचित करना लोकतंत्र की आत्मा पर चोट है।उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस अब यह सब बर्दाश्त नहीं करेगी। हम अपने नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इस लड़ाई को सड़कों से संसद तक लड़ेगें। हर नागरिक को संविधान प्रदत्त मताधिकार दिलवाने के लिए कांग्रेस पूरी ताकत से खड़ी है और इस षड्यंत्र का पूरी तरह विरोध करेगी।
