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दिल्ली कोलेबोरेशन मीट 2025: इंसानियत और इल्म फैलाने के लिए जोश और जुनून का संगम; वफ़ा अब्बास 

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दिल्ली कोलेबोरेशन मीट 2025: इंसानियत और इल्म फैलाने के लिए जोश और जुनून का संगम; वफ़ा अब्बास 

New Delhi Live:आज का दिन मेरे ज़ेहन और दिल में हमेशा के लिए दर्ज हो गया।

इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर, दिल्ली में आयोजित कोलेबोरेशन मीट 2025 सिर्फ़ एक प्रोग्राम नहीं था, बल्कि यह इंसानियत और इल्म को फैलाने के लिए जोश और जुनून का संगम था।

इस यादगार मौके पर मुझे यह मौक़ा मिला कि मैं किसा फाउंडेशन के संस्थापक, मौलाना नबी रज़ा आबिदी साहब और मुल्क की नामवर शख्सियतों के साथ बैठ सका। उनके चेहरे की सादगी और बातों की गहराई ने यह एहसास दिलाया कि असली रहनुमाई इल्म और इंसानियत में छुपी हुई है।

 

इस कार्यक्रम में मौजूद थे:

 

मासूम रज़ा भाई – कार्यक्रम के संयोजक और नाजिम

 

अली अकबर भाई – अल ईमान फाउंडेशन, मुंबई

अनीस भाई – अल ईमान फाउंडेशन, मुंबई

मौलाना शाहिद प्रधान साहब – आलिम-ए-दीन

नजमुल हसन नक़वी (नजमी भाई) – TMT

मौलाना आगा मुजाहिद साहब – हैदराबाद के समाजसेवी

जस्टिस शबिहुल हसनैन साहब – रिटायर्ड हाईकोर्ट जज

नसीम जैदी साहब – भारत के पूर्व चुनाव आयुक्त

कमर जैदी साहब – दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर

नजमुल रिज़वी साहब – पूर्व IRS इनकम टैक्स कमिश्नर

मौलाना मीसम साहब – आलिम-ए-दीन

अब्बास बुझानी साहब – समाजसेवी

सादिक भाई वीरानी – कारोबारी व समाजसेवी

सैयद रिज़वान मुस्तफ़ा साहब – सेव वक़्फ़ इंडिया के वाइस प्रेसीडेंट

 

डॉ ज़कारिया अब्बास – स्कॉलर

मौलाना अज़ीम बाकरी – आलिम-ए-दीन

मौलाना अख़्तर अब्बास जोन – आलिम-ए-दीन

परवेज़ मर्चेंट भाई – समाजसेवी

कर्नल जाफ़री – साबिक़ फौजी अफ़सर

अज़ीज़ हैदर भाई मीडिया पर्सन

शादाब भाई विन चैनल

शम्सी भाई – अंजुमन वजीफा ए सादात

 

इफ्तिख़ार रज़ा आबिदी साहब – समाजसेवी व स्कॉलर

इन तमाम अज़ीम हस्तियों की मौजूदगी ने इस महफ़िल को और भी रौशन कर दिया।

 

इस मौके पर मुझे अम्बर फाउंडेशन के कामों के बारे में बताने का मौक़ा मिला। यह मेरे लिए फ़ख़्र की बात थी कि समाज की भलाई और इंसानियत की खिदमत के लिए हमारे छोटे-से क़दम को इतनी बड़ी हस्तियों ने सराहा और हौसला-अफ़ज़ाई की।

आज का दिन इस बात का सबूत है कि जब नेक नीयत, इल्म, और इंसानियत एक साथ आते हैं, तो उसका नतीजा सिर्फ़ रोशनी और मोहब्बत होता है।

यक़ीनन यह महफ़िल आने वाली नस्लों के लिए एक मिसाल बनेगी।

 

“इल्म और इंसानियत का कारवाँ चलता रहे,

हर दिल में मोहब्बत का चिराग़ जलता रहे।”

 

 

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