
भूजल सप्ताह-2025 : “भविष्य की डोर भविष्य के हाथ”, जलशक्ति मंत्री ने छात्रों संग किया संवाद, जल संरक्षण की दिलाई शपथ
भूजल सप्ताह-2025 : “भविष्य की डोर भविष्य के हाथ”, जलशक्ति मंत्री ने छात्रों संग किया संवाद, जल संरक्षण की दिलाई शपथ
जीडी गोयनका स्कूल में हुआ भव्य आयोजन, ‘मैं हूं जल मित्र’ अभियान के तहत छात्रों ने निभाई अग्रणी भूमिकालखनऊ। प्रदेश में जल संरक्षण और भूजल के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से इस वर्ष भी 16 से 22 जुलाई, 2025 तक “जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित” थीम पर भूजल सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में सोमवार को राजधानी स्थित जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, सुशांत गोल्फ सिटी में “भविष्य की डोर भविष्य के हाथ” विषय पर आधारित स्कूल आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जल शक्ति मंत्री ने कहा कि जल का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जन आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि ‘कैच द रेन, व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स’ की थीम पर जलशक्ति अभियान को उत्तर प्रदेश में जनभागीदारी के साथ व्यवहार में लाया गया है। इसका उद्देश्य वर्षा जल के संचयन हेतु चेकडैम, तालाब, कुएँ जैसी संरचनाओं का निर्माण व मरम्मत कर हर बूंद को सहेजना है।इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ संवाद करते हुए जल बचाने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने आह्वान किया कि सभी बच्चे न केवल स्वयं जल बचाने की आदत अपनाएं, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।कार्यक्रम में छात्रों ने “मैं हूं जल मित्र” अभियान के अंतर्गत अपनी सेल्फी लेकर भूगर्भ जल विभाग के सोशल मीडिया पेज पर साझा कर सहभागिता निभाई। इस नवाचार का उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश व्यापक स्तर तक पहुँचाना है।अपने संबोधन में मंत्री ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में “हर घर जल”, “हर खेत को पानी” और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी पहलें सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भूजल का विवेकपूर्ण उपयोग, नियोजित प्रबंधन और संरक्षण विधाओं का तकनीकी अंगीकरण है।इस अवसर पर भूगर्भ जल विभाग के निदेशक सुनील कुमार वर्मा और अटल भूजल योजना के स्टेट नोडल अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने विभागीय प्रयासों और योजनाओं की जानकारी साझा की। स्कूल के चेयरमैन सर्वेश गोयल ने भी भूगर्भ जल विभाग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्कूली स्तर पर ऐसे आयोजन छात्रों के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराते हैं।कार्यक्रम को सफल बनाने में सुभाष चंद्र बोस सेवा संस्थान और “क्लाइमेट पर चर्चा” संस्था की अहम भूमिका रही। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, स्वयंसेवी संस्थाएं और जल विशेषज्ञों ने भाग लेकर जल संरक्षण के इस जन जागरूकता अभियान को सशक्त किया।यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को जल सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपने का सार्थक प्रयास साबित हुआ।
