
लखनऊ पुलिस और सर्राफा व्यापारियों की अहम बैठक, सुरक्षा और समन्वय को लेकर बनी ठोस कार्ययोजना
लखनऊ: शहर में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से लखनऊ पुलिस ने सर्राफा व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में यह बैठक संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार की अध्यक्षता में डालीगंज स्थित कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में चौक, अमीनाबाद, भूतनाथ समेत प्रमुख सर्राफा बाजारों के पदाधिकारी मौजूद रहे।बैठक में व्यापारिक सुरक्षा, अतिक्रमण, पार्किंग व्यवस्था, साइबर फ्रॉड और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस और व्यापारियों के बीच विश्वास और समन्वय से ही सुरक्षित व्यावसायिक माहौल सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने सभी सर्राफा व्यापारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी दुकानों पर कार्यरत कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन UPCOP ऐप अथवा लखनऊ पुलिस की वेबसाइट http://lucknowpolice.up.gov.in के माध्यम से अवश्य कराएं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पुलिस और व्यापारियों के बीच बेहतर संवाद के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। सर्राफा व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने के अभियान में पुलिस को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही यह भी तय हुआ कि व्यापारी अपने क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देंगे।बाजारों में अव्यवस्था रोकने और यातायात सुचारू रखने के लिए सड़क विक्रेताओं को व्यवस्थित किए जाने और चौक, अमीनाबाद, भूतनाथ, गोल मार्केट, लाटूश रोड जैसे प्रमुख बाजारों में पार्किंग व्यवस्था निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। सुरक्षा की दृष्टि से व्यापारी अपनी दुकानों को निर्धारित समयावधि में ही खोलें और बंद करें, तथा यदि देर रात को धन या कीमती सामान ले जा रहे हों तो 112 पर कॉल कर पुलिस सहायता प्राप्त करें।संयुक्त पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि व्यापारी अपनी दुकानों के बाहर लगे CCTV कैमरों की गुणवत्ता नियमित रूप से जांचें, कैमरों की निगरानी सीमा बढ़ाएं और जहां संभव हो वहां सायरन की व्यवस्था करें। व्यापारियों को अपने क्रय-विक्रय रजिस्टर को निर्धारित प्रारूप में व्यवस्थित रखने और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को उपलब्ध कराने को कहा गया।उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि रात्रि गश्त के दौरान चौकीदारों की जांच नियमित रूप से की जाए, बाजारों में पुलिस की उपस्थिति बढ़ाई जाए और सर्राफा दुकानों के आस-पास निगरानी रखी जाए। साइबर फ्रॉड से संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया गया ताकि व्यापारियों को लेनदेन में कोई परेशानी न हो।भविष्य की कार्ययोजना के तहत निर्णय लिया गया कि लखनऊ के सभी सर्राफा व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ जोन स्तर पर नियमित गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें सुरक्षा से संबंधित सुझाव और योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही ऐसे व्यापारियों की पहचान करने पर भी सहमति बनी जो चोरी के माल की खरीद-फरोख्त में शामिल हैं, ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।यह बैठक लखनऊ पुलिस और व्यापारिक समुदाय के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई। इससे न केवल सर्राफा बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी बल्कि शहर के समग्र व्यावसायिक वातावरण में भी स्थिरता और सुरक्षा का भाव और प्रबल होगा।
