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लड़की बनने की चाहत में छात्र ने सर्जिकल ब्लेड से काट लिया अपना प्राइवेट पार्ट।

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लड़की बनने की चाहत में छात्र ने सर्जिकल ब्लेड से काट लिया अपना प्राइवेट पार्ट ।

Prayagraj News:उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में घटी एक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे एक 20 वर्षीय छात्र ने अपनी लिंग पहचान संबंधी आंतरिक संघर्ष के चलते खुद को एनेस्थेसिया का इंजेक्शन लगाने के बाद सर्जिकल ब्लेड से अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया। गंभीर रूप से घायल छात्र को तुरंत एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचाई। घटना 12 सितंबर को घटी।

मूल रूप से अमेठी जिले के निवासी यह छात्र प्रयागराज में कोचिंग इंस्टीट्यूट में रहकर पढ़ाई कर रहा था। पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्र ने बताया कि वह 14 वर्ष की उम्र से ही खुद को लड़कियों जैसा महसूस करता रहा है। उसका व्यवहार, सोच और भावनाएं महिलाओं जैसी होने के कारण वह लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान था। इस चाहत को पूरा करने के लिए उसने एक परिचित व्यक्ति से सलाह ली, जिसने उसे खुद ही सर्जरी करने का खतरनाक सुझाव दिया।छात्र ने बताया, “मैंने लड़की बनने की इच्छा उस व्यक्ति को बताई, तो उसने कहा कि एनेस्थेसिया का इंजेक्शन लगाकर जननांग काट लो।” उसी सलाह पर उसने इंजेक्शन लगाया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद सर्जिकल ब्लेड से उसने अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया। इंजेक्शन का असर रहते हुए उसे ज्यादा दर्द नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही नशीला प्रभाव कम हुआ, तेज दर्द और खून बहने लगा। हालत बिगड़ने पर उसने मकान मालिक से मदद मांगी तो उन्होंने उसे अस्पताल पहुंचाया।

एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर संतोष ने बताया कि छात्र की हालत अब खतरे से बाहर है। उसे तुरंत सर्जरी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन देकर स्थिर किया गया है। इलाज जारी है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम भी उसके साथ जुड़ी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी खुद की सर्जरी बेहद खतरनाक होती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। प्रयागराज पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्र के बयान के आधार पर उस परिचित व्यक्ति की तलाश की जा रही है, जिसकी गलत सलाह ने इस घटना को अंजाम दिया।

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