
सिद्धार्थनगर में किसान सम्मान दिवस: चौधरी चरण सिंह जयंती पर 28 प्रगतिशील किसानों को सम्मान
न्यूज़ रिपोर्ट: पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह के जन्म दिवस के अवसर पर सिद्धार्थनगर के अम्बेडकर सभागार में ‘किसान सम्मान दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
किसानों के लिए जीवन समर्पित था: जगदम्बिका पाल
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों के अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सिद्धार्थनगर के किसानों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने खेसरहा की किसान अल्का सिंह का उदाहरण देते हुए बताया कि वह प्रतिवर्ष 20–25 टन काला नमक चावल का उत्पादन कर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा रही हैं, जो जिले के लिए प्रेरणास्रोत है।
सरकारी योजनाओं और तकनीकी खेती पर जोर
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने सभी किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की, जिससे किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके। साथ ही उन्होंने आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने पर भी जोर दिया।
मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने चौधरी चरण सिंह द्वारा लागू किए गए उत्तर प्रदेश जोत अधिनियम और गरीबी उन्मूलन से जुड़े प्रयासों को याद किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कृषि विभाग किसानों को समय पर प्रमाणित बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तत्पर है।
28 प्रगतिशील किसानों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में कृषि, उद्यान और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 28 प्रगतिशील किसानों को माला, अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें धान, गेहूं, सरसों, चना और बाजरा की रिकॉर्ड पैदावार करने वाले किसान, केला, फूलगोभी, टमाटर और पत्तागोभी की उन्नत खेती करने वाले लाभार्थी, तथा मत्स्य पालन और गन्ना उत्पादन में बेहतर कार्य करने वाले किसान शामिल रहे।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुजम्मिल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अन्य विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
