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योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ के कैंसर अस्पताल में 100 बेड के एक कोविड हॉस्पिटल की शुरुआत की।

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी ने अस्पताल का निरीक्षण किया और मरीजों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आदेश दिया।बता दें कि यूपी में एक हफ्ते से कोविड टेस्ट बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि नए मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। सोमवार को बीते 24 घंटे में 29,192 नए संक्रमित मिले हैं, वहीं, 38,857 मरीज ठीक हुए हैं। इस दौरान 2,29,440 टेस्ट किए गए। कुल 288 मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सक्रिय मरीजों की संख्या में भी कमी आई है। वर्तमान में 2.85 लाख एक्टिव केस हैं। अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने बताया कि अब तक 4,15,91,659 नमूनों की जांच हो चुकी है।

अयोध्या-मथुरा-काशी में भाजपा को तगड़ा झटका

लखनऊ : पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा को यूपी में भी समाजवादी पार्टी से कड़ी टक्कर मिल रही है। वहीं, भाजपा के एजेंडे में खास स्थान रखने वाले अयोध्या-मथुरा-काशी में पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। अभी तक मिल रहे रुझानों व घोषित नतीजों के अनुसार, अयोध्या में जिला पंचायत सदस्य की 40 सीटों में से 24 पर सपा ने जीत दर्ज की है। इस नतीजे से सपाई गदगद नजर आ रहे हैं और अब जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पनिगाहें जमाने लगे हैं। जीत से उत्साहित प्रत्याशी अभी तो कुछ बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन दबी जुबान अपनी दावेदारी से गुरेज भी नहीं कर रहे हैं। वहीं, मथुरा में जिला पंचायत सदस्य की कुल 33 सीटें हैं। इनमें बसपा 12 सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि भाजपा की 8 और रालोद की भी आठ सीटें आई हैं। एक पर सपा और तीन निर्दलीय प्रत्याशियो ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस अपना खाता नहीं खोल पाई है। इसके अलावा, वाराणसी में 40 सीटों में से 14 के नतीजे आए हैं। नतीजों व रुझान के मुताबिक सपा 10, भाजपा 7, बसपा 4, अपना दल (एस) 3, भासपा 2, अपना दल (कृष्णा गुट) 1 व कांग्रेस 1 सीट पर आगे है।

दरअसल, इन चुनाव को 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के लिए सेमीफाइनल माना जा रहा है। जबकि यूपी के विधानसभा चुनाव 2017 व लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के हाथों करारी हार मिलने के बाद सपा के लिए ये नतीजे उत्साह बढ़ाने वाले हैं वहीं बसपा भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हुई नजर आ रही है वहीं, पूरे प्रदेश की बात करें तो सोमवार शाम तक 2357 जिला पंचायत सदस्यों की मतगणना में भाजपा 699 और सपा 689 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। 670 सीटों पर निर्दलीय और 229 पर बसपा व 66 पर कांग्रेस प्रत्याशी आगे चल रहे थे। मतगणना के दूसरे दिन देर रात तक राज्य निर्वाचन आयोग ने 181 जिला पंचायत सदस्य, 38,317 ग्राम प्रधान, 55,926 क्षेत्र पंचायत सदस्यों व 2,32,612 ग्राम पंचायत सदस्यों के नतीजे जारी कर दिए।

पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया गया

लखनऊ : यूपी में कोरोना के खिलाफ जंग में पत्रकारों, जजों व सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया गया। अब उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कोरोना का टीका लगाया जाएगा।बताया जा रहा है कि वैक्सीनेशन के लिए टीमें खुद जाकर संस्थानों में कैंप लगाएंगी और टीकाकरण किया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में एक मई से 18 वर्ष की आयु से ऊपर के सभी लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। अब इसमें पत्रकारों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। यूपी में पहले चरण में 9 हजार से अधिक सक्रिय केस वाले जिलों लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली और मेरठ में वैक्सीनेशन किया जा रहा है। वैक्सीनेशन के लिए जिन्होंने कोविन पोर्टल या आरोग्य सेतु एप पर पंजीकरण करा लिया है, उनके लिए शुक्रवार शाम से स्लॉट ओपन कर दिया गया।

टीकाकरण प्रभारी डॉ अजय घई ने कहा था कि 45 पार वाले लोगों का टीकाकरण पहले की तरह चलता रहेगा। पहले से बनाए गए बूथ चलते रहेंगे। 18 से 44 साल वालों के लिए अलग बूथ बनाए गए हैं। अब कुल बूथों की संख्या करीब सात हजार हो गई है 30 अप्रैल तक प्रदेश में कुल एक करोड़ 23 लाख 55 हजार 555 वैक्सीन के डोज दिए जा चुके हैं। इसमें एक करोड़ एक लाख 26 हजार 798 वैक्सीन की पहली डोज और 22 लाख 28 हजार 757 दूसरी डोज शामिल है। कोरोनावायरस की चपेट में आने के बाद जो लोग नेगेटिव हो गए हैं उन्हें 15 दिन टीके के लिए इंतजार करना पड़ेगा। जिनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव है लेकिन सीटी स्कैन में कोविड के लक्षण मिले हैं। उनका भी टीकाकरण 15 दिन बाद होगा।  यूपी सरकार ने घोषणा की है कि सभी को मुफ्त कोरोना का टीका लगाया जाएगा। इसके लिए एक करोड़ डोज का ऑर्डर दोनों स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनियों को भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए धमकी भरा मैसेज भेजा गया

लखनऊ : उत्तर प्रदेश पुलिस के डायल 112 कंट्रोल रूम व्हाट्सएप पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए धमकी भरा मैसेज भेजा गया है। कंट्रोल रूम पर मौजूद कर्मचारियों ने मैसेज देखकर अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलने पर अधिकारियों ने पड़ताल शुरू की और सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। प्रभारी निरीक्षक सुशांत गोल्फ सिटी विजयेंद्र सिंह के मुताबिक डायल 112 में अंजुल कुमार आपरेशन कमांडर मुख्यालय के पद पर तैनात है। अंजुल कुमार के मुताबिक 29 अप्रैल की शाम 7.58 मिनट पर मीडिया डेस्क के व्हाट्सएप नम्बर पर एक मैसेज आया था। जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया। साथ ही नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी।

मैसेज में लिखा था कि पांच दिन बाद मुख्यमंत्री के साथ बड़ा हादसा होगा। यह मैसेज पढ़ते ही ड्यूटी पर तैनात काल टेकर अंकित दूबे के होश उड़ गए। उसने धमकी भरा मैसेज आने की सूचना आपरेशन कमांडर अंजुल कुमार को दी। इसके बाद सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मोबाइल धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मैसेज को गंभीरता से लेते हुए सर्विलांस सेल की मदद से जांच कर रही है। अभी तक संदिग्ध नंबर की लोकेशन का सही पता नहीं चल सका है। पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी है।

सोशल मीडिया पर रेमडेसिविर इंजेक्शन व आक्सीजन आपूर्ति का झांसा देकर लोगों से रुपये ऐंठे

लखनऊ : रसूखदार परिवार के तीन किशोरों ने ट्विटर व सोशल मीडिया पर रेमडेसिविर इंजेक्शन व आक्सीजन आपूर्ति का झांसा देकर लोगों से रुपये ऐंठे। उनकी हरकतों के चलते ऑक्सीजन न मिल पाने से एक मरीज की जान तक चली गई। इसकी शिकायत पर सेंट्रल जोन की सर्विलांस टीम व हजरतगंज पुलिस ने पड़ताल शुरू की। पुलिस ने 9वीं और 10वीं के छात्र को दबोच लिया जबकि 11वीं का छात्र पकड़ से बाहर है। पकड़ा गया एक किशोर बिजली विभाग में तैनात एक अधिकारी का बेटा है जबकि दूसरा प्राइवेट कंपनी में बड़े पद पर तैनात एक अफसर का बेटा है। पुलिस ने दोनों को बाल सुधार गृह भेजा है। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने यूूपीआई आईडी, गूगल पे व फोन पे के जरिए 30 से ज्यादा लोगों से हजारों की ठगी की है।

एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, रेमडेसिविर इंजेक्शन और आक्सीजन सप्लाई के लिए जालसाजों ने ट्विटर व टेलीग्राम पर दो मोबाइल नंबर 7985763840 और 7652058860 पोस्ट किए। सोशल मीडिया पर यह मेसेज डाला कि यह नंबर प्रमाणित है और हमारे यहां जरूरतमंदों को रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।

मध्य जोन के सर्विलांस सेल प्रभारी धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक, सोशल मीडिया पर यह मेसेज देखकर कई लोगों ने संपर्क किया। कॉल करने पर लोगों से बैंक खाते के जरिए यूपीआई आईडी, गूगल पे व फोन पे के जरिए रकम की 40 प्रतिशत रिाश एडवांस ट्रांसफर करा लेते थे। अपचारियों ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कीमत 3500 रुपये और ऑक्सीजन सिलेंडर की कीमत 8500 रुपये रखी थी। पैसे ट्रांसफर होने के बाद शातिर किशोर उनके मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर देते थे। यही नहीं, अंजान नंबर से कॉल आने और इंजेक्शन व सिलेंडर की सप्लाई की बात करने पर वह उस नंबर को भी ब्लॉक कर देते थे।

पुलिस टीम ने नंबरों के आधार पर उनकी लोकेशन का पता लगाया। उनकी लोकेशन वृंदावन कॉलोनी के पास मिली। पुलिस टीम ने उनके मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो दोनों किशोर सिल्वर की होटल के पास मिल गए। पूछताछ में दोनों ने बताया कि अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों को शिकार बनाया है। करीब 10 लोगों से 72500 रुपये वसूला है। उनके खिलाफ हजरतगंज पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए अपचारियों के मोबाइल से मिले करीब 35 मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जा रहा है। तीनों किशोर 20-22 दिनों से सोशल मीडिया पर ठगी का जाल फैलाए हुए थे। उनके निशाने पर सीतापुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर के पीड़ित भी थे। साथ ही दिल्ली, मुंबई, पुणे के मरीजों के तीमारदारों के नंबर भी मिले हैं। ठगे गए लोगों में कुछ दिल्ली के भी हैं।

आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति के लिए जारी होंगे ई-पास

लखनऊ : प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ई-पास जारी करने का फैसला किया है। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने इस संबंध में दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि आमजन चिकित्सा सेवाओं को प्राप्त करने के लिए भी ई-पास के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि किसी क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति आमजन में नहीं हो रही है तो वे इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर कर सकते हैं। आवेदक ई-पास के लिए rahat.up.nic.in पर उपलब्ध लिंक rahat.up.nic.in/epass के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिले की सीमा में पास जारी करने का अधिकार उपजिलाधिकारी को दिया गया है। प्रदेश की सीमा के भीतर अंतर्जनपदीय ई-पास के लिए जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी अधिकृत होंगे।

संस्थानों के लिए जारी ई-पास लॉकडाउन की संपूर्ण अवधि के लिए जबकि आम लोगों के लिए जारी जनपदीय ई-पास की वैधता एक दिन व अंतर्जनपदीय की दो दिन होगी। प्रदेश के बाहर के राज्यों के लिए ई-पास आवेदक के प्रस्थान जिले से संबंधित जिले के डीएम द्वारा जारी किए जाएंगे। शासन ने ई-पास से संबंधित समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। व्हाट्सएप व राहत आयुक्त कार्यालय का नंबर जारी किया है।

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