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लखनऊ साइबर क्राइम सेल ने फल बेचने के नाम पर ठगे गए एक लाख रुपये वापस कराए

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लखनऊ साइबर क्राइम सेल ने फल बेचने के नाम पर ठगे गए एक लाख रुपये वापस कराए

लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम सेल ने फल बेचने के नाम पर धोखाधड़ी कर एक लाख रुपये ठगने वाले अपराधियों से रकम वापस करा कर शिकायतकर्ता को राहत दी है। यह कार्यवाही पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ के निर्देशन में, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) एवं अन्य अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई है।शिकायतकर्ता कलीम अहमद, निवासी प्रीति नगर थाना मड़ियाव ने 14 अप्रैल 2025 को साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने गूगल के माध्यम से फल विक्रेता का नंबर खोज कर उनसे बात की। इसके बाद धोखेबाजों ने उन्हें फंसाकर अपने खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर फ्रॉड की शंका लगते ही कलीम अहमद ने संबंधित बैंक और साइबर क्राइम सेल को सूचना दी।साइबर क्राइम सेल ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए उपनिरीक्षक राकेश मिश्रा, मुख्य आरक्षी धीरेन्द्र सिंह, आरक्षी अभिषेक गौतम, अभिषेक यादव की टीम के साथ तुरंत कार्यवाही शुरू की। उन्होंने संबंधित बैंकों से इलेक्ट्रॉनिक पत्राचार कर मामले की जांच की और माननीय न्यायालय के आदेशानुसार धोखाधड़ी में लिप्त फ्रॉडस्टरों के खाते से रकम को शिकायतकर्ता के भारतीय ओवरसीज बैंक के खाते में वापस ट्रांसफर कराया।शिकायतकर्ता ने अपना पैसा वापस पाकर पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की टीम की प्रशंसा की और उनका धन्यवाद किया।साइबर क्राइम सेल की टीम ने आम जनता से अपील की है कि वे कभी भी कस्टमर केयर कर्मियों से अपने बैंक खाते या कार्ड की गोपनीय जानकारी साझा न करें और किसी भी स्क्रीन शेयरिंग एप जैसे TeamViewer, QuickSupport, AnyDesk आदि को डाउनलोड न करें, ताकि साइबर फ्रॉड से बचा जा सके।पैसा वापस कराने वाली टीम में प्रमुख रूप से उप निरीक्षक रत्नेश सिंह, प्रशांत वर्मा, सैय्यद हसन आदिल, राकेश मिश्रा, अरविंद कुमार यादव, किशोर कुमार, धीरेन्द्र सिंह, शमशाद अली, अभिषेक यादव और अभिषेक गौतम शामिल थे।

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