
सफाई व्यवस्था पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने दिखाई सख्ती, ZSO का वेतन काटने के निर्देश — लायन कंपनी को चेतावनी
सफाई व्यवस्था पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने दिखाई सख्ती, ZSO का वेतन काटने के निर्देश — लायन कंपनी को चेतावनी
लखनऊ: शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को स्मार्ट सिटी सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता महापौर सुषमा खर्कवाल ने की। बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार, सभी अपर नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी अधिकारी, सेनेटरी व फूड इंस्पेक्टर मौजूद रहे। इस समीक्षा बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था के तमाम पहलुओं पर गंभीर चर्चा हुई और कई सख्त निर्णय लिए गए।महापौर ने साफ तौर पर कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, कूड़ा प्रबंधन और वार्डवार सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने छह महीने पहले दिए गए निर्देशों की अवहेलना पर नाराजगी जताते हुए सभी जोनल सेनेटरी अधिकारियों (ZSO) का दो दिन का वेतन काटने के निर्देश नगर आयुक्त को दिए। इसके अलावा शुक्रवार शाम तक सभी वार्ड कर्मचारियों की उपस्थिति व रिकॉर्ड रजिस्टर प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम भी जारी किया गया।बैठक में लायन एनवायरो प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई। महापौर ने कंपनी की कार्यशैली पर असंतोष जाहिर करते हुए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की संख्या बढ़ाने और अनुबंध के अनुसार सभी वाहन संचालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।महापौर ने बारिश से पूर्व नालों की तत्काल सफाई शुरू करने, सफाई कर्मियों को समय पर ड्रेस देने और ट्रांसफर स्टेशन के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने ZSO व SFI को सघन निगरानी का आदेश देते हुए कहा कि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुबह से लेकर कूड़ा शिवरी प्लांट तक पहुँचने तक फील्ड में रहकर काम की निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वार रूम में आने वाली सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।बैठक के माध्यम से महापौर और नगर आयुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि शहर की स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और जो भी अधिकारी या कंपनी लापरवाही करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
