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लखनऊ में अपहरण और फिरौती का खुलासा, तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार

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लखनऊ में अपहरण और फिरौती का खुलासा, तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार

लखनऊ | अपराध समाचार

पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस ने अपहरण और फिरौती के एक सनसनीखेज मामले का सफल खुलासा करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से अपहृत युवक को सकुशल बरामद करने के साथ ही लूटी गई स्कॉर्पियो-एन कार और एक अवैध हथियार भी जब्त किया है।

जानकारी के अनुसार, राजस्थान के जयपुर निवासी लोकेश मीणा ने थाना सुशांत गोल्फ सिटी में शिकायत दर्ज कराई थी कि 27 दिसंबर को लखनऊ में कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की, उनकी स्कॉर्पियो-एन (RJ14UL4311) लूट ली और उनके मित्र सुमित का अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ता सुमित को छोड़ने के बदले पैसों की मांग कर रहे थे।

गिरफ्तारी और बरामदगी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों ने टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए किसान पथ के पास निजामपुर मझिगवा क्षेत्र से घेराबंदी कर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से 18 वर्षीय सुमित ब्याडवाड को सकुशल मुक्त कराया।

इसके साथ ही पुलिस ने लूटी गई स्कॉर्पियो-एन कार बरामद की तथा अभियुक्त विनोद यादव के कब्जे से एक अवैध देशी तमंचा (315 बोर) भी जब्त किया।

गिरफ्तार अभियुक्त

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार है—

  1. विनोद कुमार यादव, निवासी जौनपुर, जिसके खिलाफ हत्या, गैंगस्टर और एनडीपीएस एक्ट सहित कुल 8 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

  2. सौरभ पाठक, निवासी सुल्तानपुर, जिस पर पूर्व में हत्या (धारा 302) का मुकदमा दर्ज है।

  3. मोहम्मद ताबीस खान, निवासी जौनपुर।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि लोकेश मीणा ने उनसे करीब 5 लाख रुपये उधार लिए थे और लंबे समय से वापस नहीं कर रहा था। पैसों की वसूली के लिए उन्होंने लोकेश को लखनऊ बुलाया। जब लोकेश अपने मित्र सुमित के साथ लखनऊ पहुंचा, तो अभियुक्तों ने दोनों का अपहरण करने का प्रयास किया। लोकेश मौके से भागने में सफल हो गया, जबकि अभियुक्त सुमित और उसकी गाड़ी को लेकर जौनपुर फरार हो गए और फिरौती के रूप में अपने पैसों की मांग करने लगे।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6), 140(2), 317(2) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मुख्य अभियुक्त विनोद यादव और सौरभ पाठक का लंबा आपराधिक इतिहास पुलिस जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है।

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