
छात्रवृत्ति घोटाले में फरार चल रहे वांछित इनामी अभियुक्त को लखनऊ पुलिस ने किया गिरफ्तार
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में छात्रवृत्ति के पैसों के गबन से जुड़े एक गंभीर आर्थिक अपराध मामले में वांछित चल रहे आरोपी दिनेश सिंह यादव को आर्थिक अपराध शाखा व थाना वजीरगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ लखनऊ के वजीरगंज थाने में वर्ष 2022 में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था और वह 5 हजार रुपये का इनामी अभियुक्त था।इस मामले में शिकायत उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के कार्यवाहक रजिस्ट्रार शैलेन्द्र कुमार द्वारा दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि आरोपियों ने कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से छात्रवृत्ति की धनराशि का गबन किया है। इस पर वजीरगंज थाने में 30 जुलाई 2022 को आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में 17 जून की शाम 5:20 बजे, पुलिस को विशेष सूचना मिली कि आरोपी लखनऊ के प्लासियो मॉल के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर दबिश देकर पुलिस ने आरोपी दिनेश सिंह यादव को मौके से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपी गाजीपुर जिले के भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के कुड़िला गांव का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 40 वर्ष बताई गई है। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पहले से ही एकत्रित थे और गिरफ्तारी के बाद उससे आगे की पूछताछ व विधिक कार्रवाई की जा रही है।गिरफ्तारी में वजीरगंज थाना प्रभारी सतीश चन्द्र मिश्र के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की टीम और आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक मो. जैनुद्दीन अंसारी की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरफ्तारी छात्रवृत्ति से जुड़े आर्थिक अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।