
लखनऊ विश्वविद्यालय ने लंबी कवायद के बाद राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायन परिषद नैक में ए प्लस प्लस ग्रेडिंग प्राप्त की
यूपी : लखनऊ विश्वविद्यालय ने लंबी कवायद के बाद राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायन परिषद (नैक) में ए प्लस प्लस ग्रेडिंग प्राप्त की है। विश्वविद्यालय में नैक की टीम ने 21 से 23 जुलाई तक स्थलीय निरीक्षण किया था। जिसके बाद सोमवार को सुबह परिणाम जारी किया गया है। परिणाम की जानकारी होते ही विश्वविद्यालय में जश्न का माहौल है विश्वविद्यालय ने वर्ष 2014 में नैक में बी ग्रेड प्राप्त किया था। जो 2019 में समाप्त हुआ था। इसके बाद कोविड व अन्य कारणों से विश्वविद्यालय दो साल इसके लिए आवेदन नहीं कर सका। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने आने के साथ ही इसके लिए कवायद शुरू कर दी थी।

स्थलीय चीजों को सुधारने के साथ लंबी कवायद के बाद सेल्फ एसेसमेंट रिपोर्ट नैक में सब्मिट की गई। जिसके बाद विश्वविद्यालय को बड़ी सफलता मिली। उसने ऊंची छलांग लगाते हुए ए प्लस प्लस ग्रेड हासिल किया है। विश्वविद्यालय में पिछले कुछ वर्षों से आर्थिक संकट बना हुआ है। पिछले साल विश्वविद्यालय से चार जिलों रायबरेली, सीतापुर, हरदोई व लखीमपुर खीरी के कॉलेजों को संबद्ध किए गया। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि यह सामूहिक प्रयास और तैयारियों का नतीजा रहा कि हमें अच्छी ग्रेड मिली। हमें शिक्षकों व विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं व संसाधन देने का प्रयास करेंगे।

नेशनल पीजी को लगा झटका
लखनऊ विश्वविद्यालय के साथ ही नेशनल पीजी कॉलेज ने भी नैक एक्रीडिटेशन के लिए आवेदन किया था। यहां भी 21 व 22 जुलाई को नैक की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था। जिसके बाद मंगलवार को जारी परिणाम में कॉलेज को बी प्लस प्लस से संतोष करना पड़ा। जबकि पिछली बार कॉलेज को ए ग्रेड मिला था। प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि हम समीक्षा करेंगे कि कहां कमियां रह गईं और आगे उसे बेहतर करके फिर से नैक में जाएंगे।