
लखनऊ: योग जागरूकता कार्यक्रम में बोलीं पूनम सिंह, मानसिक शांति और रोगों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है योग
लखनऊ: योग जागरूकता कार्यक्रम में बोलीं पूनम सिंह, मानसिक शांति और रोगों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है योग
लखनऊ: तेज़ रफ्तार और तनाव से भरे आज के जीवन में योग केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह मानसिक शांति और गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम बन चुका है। यह विचार ‘शिवोहम’ की डायरेक्टर पूनम सिंह ने लखनऊ में आयोजित एक योग जागरूकता कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए।
पूनम सिंह ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि-परंपरा की अमूल्य देन है, जो आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी व्यापक रूप से अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि नियमित योग और ध्यान व्यक्ति को मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
योग के लाभों पर विशेष जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूनम सिंह ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट ध्यान करता है, तो उसे मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि योग बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों सभी के लिए समान रूप से लाभकारी है और यह सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार है।
विशेषज्ञों ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डाला।
अनीता सिंह ने कहा कि नियमित योग अभ्यास महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है और इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
आशा राय ने बताया कि योग के निरंतर अभ्यास से जटिल और पुरानी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
सोनिया मित्तल ने कहा कि भारतीय योग परंपरा ने आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है।
विभा सिंह ने युवाओं में बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता को सकारात्मक संकेत बताया।
गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस योग जागरूकता कार्यक्रम में हर्षा श्रीवास्तव, अर्चना सिंह, अपूर्वा श्रीवास्तव, मधुलिका शुक्ला, गरिमा अवस्थी, दीपशिखा सिंह, सुषमा पाल, पल्लवी सिंह, शुभम मिश्रा, नूपुर सिंह, धीरज अवस्थी, अनुराग सिंह, अभिजीत सिंह और नीलम तिवारी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।